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फतेहपुर: देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान, इसलिए अवसाद में थे दोनों
Tue, 01 Dec 2020 08:26 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 01 Dec 2020 08:26 PM IST
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देवर भाभी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
फतेहपुर जिले में गाजीपुर थाना क्षेत्र के लमहेटा गांव में एक ही फंदे में देवर और भाभी के शव लटकते मिले। मंगलवार सुबह परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला तो दोनों के शव साड़ी से बने फंदे से लटक रहे थे।
देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान
- फोटो : अमर उजाला
बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के बदौली केवटरा निवासी रसपाल की बेटी सुनीता (28) की शादी 2016 में ब्राम्हणतारा गांव के हरिओम निषाद पुत्र शिवबरन के साथ हुई थी। हरिओम बांदा में जेसीबी, चालक है।
हरिओम काम के सिलसिले में अक्सर बांदा में रहता है। शादी के कुछ दिन बाद से सुनीता और देवर राममिलन (22) के बीच नाजायज रिश्ते हो गए। वह एक दूसरे को चाहने लगे। यह बात परिवार के लोगों को पता लगी थी।
हरिओम काम के सिलसिले में अक्सर बांदा में रहता है। शादी के कुछ दिन बाद से सुनीता और देवर राममिलन (22) के बीच नाजायज रिश्ते हो गए। वह एक दूसरे को चाहने लगे। यह बात परिवार के लोगों को पता लगी थी।
देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान
- फोटो : अमर उजाला
कहीं न कहीं अब विवाद की स्थिति बनने लगी थी। मामले को खत्म करने के लिए परिजनों ने राममिलन की शादी करने की सोची। असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव में राममिलन की 7 मई 2021 की शादी की तारीख पक्की हुई थी।
तभी से देवर और भाभी अलग होने के अवसाद में जीने लगे थे। परिजनों ने बताया कि मंगलवार देर रात राममिलन पिता के साथ निमंत्रण से लौटा था। सभी लोग सोने चले गए। इस दौरान किसी से कोई विवाद नहीं हुआ।
तभी से देवर और भाभी अलग होने के अवसाद में जीने लगे थे। परिजनों ने बताया कि मंगलवार देर रात राममिलन पिता के साथ निमंत्रण से लौटा था। सभी लोग सोने चले गए। इस दौरान किसी से कोई विवाद नहीं हुआ।
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देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान
- फोटो : अमर उजाला
सुनीता का तीन साल बेटा हर्ष (3) दादी गेंदिया के पास सोया था। दूसरी तीन माह की बेटी क्रांति को लेकर सुनीता कमरे में सोई थी। मंगलवार सुबह सुनीता कमरे से बाहर नहीं निकली। कमरे से बच्ची की रोने की आवाज आई और राममिलन भी नहीं दिखा।
तभी दरवाजे की कुंडी परिजनों ने हाथ डालकर खोली तो नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। पंखे के हुक से साड़ी का फंदा बंधा हुआ था। साड़ी के एक छोर पर सुनीता और दूसरे सिरे पर राममिलन के शव लटके हुए थे।
तभी दरवाजे की कुंडी परिजनों ने हाथ डालकर खोली तो नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। पंखे के हुक से साड़ी का फंदा बंधा हुआ था। साड़ी के एक छोर पर सुनीता और दूसरे सिरे पर राममिलन के शव लटके हुए थे।
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देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान
- फोटो : अमर उजाला
सुनीता का चेहरा राममिलन की छाती पर टिका था। एक पैर सुनीता का चारपाई में फंसा था, दूसरा पैर चारपाई के नीचे लटका हुआ था। फोरेंसिक टीम ने पड़ताल भी की। जाफरगंज सीओ संजय शर्मा और एसओ कमलेश पाल मौके पर पहुंचे।
एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि दोनों के बीच आशनाई का मामला था। राममिलन के पिता शिवबरन की ओर से प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की तहरीर दी गई है। किसी पक्ष ने आरोप नहीं लगाया है।
एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि दोनों के बीच आशनाई का मामला था। राममिलन के पिता शिवबरन की ओर से प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की तहरीर दी गई है। किसी पक्ष ने आरोप नहीं लगाया है।