फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Three young men and one girl caught distributing corona medicine for 30 rupees

यूपी: 30 रुपये में कोरोना दवा बांटते तीन युवक व एक युवती पकड़े, पूछताछ में सामने आई हैरान करने वाली बात

Wed, 26 Aug 2020 12:37 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 26 Aug 2020 12:37 AM IST
विज्ञापन
Three young men and one girl caught distributing corona medicine for 30 rupees
कोरोना दवा बांटते तीन युवक व एक युवती पकड़े - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज में तीन युवक एक युवती के साथ हंसापुर गौराई में 30 रुपये में कोरोना की दवा बताकर होम्योपैथिक की आर्सेनिक एलबम-30 बेचते हुए पकड़े गए। चारों को सीएचसी लाया गया। वहां बीसीपीएम ने पूछताछ की तो उन्होंने डीडीओ व बीडीओ के अनुमति के पत्र भी दिखाए, लेकिन डीडीओ ने कोई भी अनुमति पत्र देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन


बाद में चारों को दवा न बांटने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया। कायमगंज क्षेत्र के अलग-अलग गांव के तीन युवक व एक युवती बुधवार को हंसापुर गौराई में कोरोना वायरस के इलाज की दवा बताकर ग्रामीणों को होम्योपैथिक आर्सेनिक एलबम-30 की दवा 30 रुपये लेकर दे रहे थे।
विज्ञापन


चारों बैनर लगाकर बाकायदा खुद को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े होने का प्रचार कर रहे थे। इसी गांव की आशा कार्यकर्ता किरण देवी वहां पहुंचीं। उन्होंने पूछताछ की। आशा ने ब्लाक कम्युनिटी प्रोग्राम मैनेजर(बीसीपीएम) विनय मिश्रा को सूचना दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीसीपीएम ने सीएमओ दफ्तर से जानकारी की तो पता लगा कि ऐसी कोई योजना नहीं है। उन्होंने दवा बांट रही टीम को सीएचसी बुलाया और पूछताछ की तो युवकों ने बताया कि आन शोध संस्थान ने उन्हें 15 हजार रुपये प्रति माह वेतन पर नौकरी दी है।

इसके लिए उन्होंने संस्था के लोगों को 80-80 हजार रुपये दिए थे। युवकों ने अपना नियुक्ति पत्र व डीडीओ व कायमगंज बीडीओ द्वारा जारी पत्र भी दिखाया। बीसीपीएम ने बताया इस मामले में सभी संबंधित अधिकारियों से बात हुई, लेकिन ऐसी कोई योजना नहीं बताई गई है। उन्होंने बताया कि लोगों से ठगी की जा रही है। बीसीपीएम ने उनके नाम पते नोट कर आगे से दवा वितरण न करने की चेतावनी देकर घर भेज दिया।

डीडीओ ने पत्र को बताया फर्जी
जिला विकास अधिकारी डीडी शुक्ला ने बताया कि उनके यहां से कोई ऐसा पत्र जारी नहीं हुआ है। अगर ऐसा कोई पत्र दिखाया जा रहा है तो वह फर्जी है। कायमगंज ब्लाक के बीडीओ विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने जिला विकास अधिकारी के पत्र के आधार पर दवा बांटने का अनुमति पत्र जारी कर दिया था। पता चला है कि यह एक एनजीओ का खेल है तो सभी प्रधान व सचिव को अवगत करा दिया गया है कि ऐसे लोगों का कोई सपोर्ट न करें।

शासन से मुफ्त दवा वितरण की अनुमति की बात कही
आन शोध संस्थान के जिला समन्वयक आलोक सिंह ने बताया उनकी संस्था कोरोना काल में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आर्सेनिक एलबम-30 दवा का मुफ्त वितरण कर रही है। इसके लिए शासन से अनुमति ली है। कायमगंज सीएचसी में सीएमओ का पत्र न पहुंचने से उन्हें काम के लिए रोका गया है।

उन्होंने सीएमओ दफ्तर में भी अनुमति लेने के लिए पत्र दिया है। सीएमओ ने अभी तक दवा वितरण का आदेश नहीं दिया था। काम करने वालों से 80 हजार लेने की जानकारी से उन्होंने इनकार कर दिया। डीडीओ  के अनुमति पत्र को उन्होंने सही ठहराया है। सीएमओ की अनुमति के बाद दवा वितरित की जाएगी।

आर्सेनिक अलबम-30 दवा आयुष मंत्रालय द्वारा अधिकृत है। इसे आयुष मंत्रालय की ओर से जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराकर मुफ्त बांटा जा रहा है। यह दवा इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करती है। यह दवा पांच-पांच बूंद सुबह और शाम तीन दिन तक लेने से दो माह तक इम्युनिटी सिस्टम मजबूत रहता है। - डॉ. आरबी सिंह, सेवानिवृत्त मेडिकल ऑफीसर, लोहिया अस्पताल  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed