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Farrukhabad News: गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पार
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फोटो-25 अंबरपुर गांव को ट्रैक्टर से जाते लोग। संवाद
- फोटो : टूंडला के स्टेशन रोड पर बरसात के दौरान गुजरते वाहन संवाद
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार को फिर पांच सेंटीमीटर बढ़कर खतरे के निशान 137.10 को पार कर 137.15 मीटर पर पहुंच गया। नरौरा बांध से 1,10,176 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ से जनपद के 100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। इससे यहां ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी बेपटरी हो गई है। गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से बाजार और मुख्य मार्ग तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण जरूरी सामान लेने के लिए नाव या ट्रैक्टर का सहारा ले रहे हैं।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के करीब 50 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित है। इस समय बाढ़ पीड़ितों के सामने सबसे बड़ी समस्या खाद्य सामग्री और घरेलू जरूरतों के सामान की बनी हुई है। कई गांवों में दुकानें बंद हैं या दुकानदार सामान मंगाने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों को राशन, सब्जी, दवा और अन्य जरूरी सामान के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट है। बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली बंद होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। मोबाइल फोन चार्ज करने और अन्य जरूरी कामों में भी दिक्कत हो रही है। रामगंगा का जलस्तर 136.10 से घट कर 136.05 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 13380 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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बाढ़ ने रक्षाबंधन की खुशियों पर फेरा पानी, आवागमन बाधित
अमृतपुर। गंगा में आई बाढ़ ने ग्रामीणों की रक्षाबंधन की खुशियों पर पानी फेर दिया है। गांवों को जोड़ने वाले अधिकांश रास्तों पर दो से तीन फीट तक बाढ़ का पानी भरा है। इससे आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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गंगा में बाढ़ का कहर चारों ओर दिखाई दे रहा है। रक्षाबंधन पर हर बहन भाई की कलाई पर राखी बांधने को उत्साहित रहती है। गंगा किनारे के आशा की मड़ैया, कंचनपुर, सबलपुर, बरुआ, चित्रकूट, उदयपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, जोगराजपुर, मंझा, करनपुर घाट, माखन नगला, कालिका नगला, मिघन नगला, कुड़री सारंगपुर और तीसराम की मड़ैया सहित कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों को जाने वाले मुख्य मार्गों पर तीन से पांच फीट पानी तेज गति से बह रहा है। इससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। बहनों को भाइयों के घर पहुंचने के लिए बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई बहनें नाव का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं। यह स्थिति उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। कुछ बेटियां और बहनें जान जोखिम में डालकर ससुराल से मायके पहुंच रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण वे अपनी बेटियों और बहनों को आने से रोक रहे हैं।
फोटो-9 युवक को पानी से बाहर निकलते पुलिसकर्मी। स्रोत: ग्रामीण
तेज बहाव में घुसा नशे में युवक
फर्रुखाबाद। शराब के नशे में धुत युवक बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर पानी के तेज बहाव में घुस गया। इससे वह लड़खड़ाने लगा तभी डिप पर मौजूद सिपाहियों ने दौड़कर उसे पकड़ लिया और बाहर निकाला। काफी प्रयास के बावजूद वह नशे की वजह से नाम, पता नहीं बता सका। थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह ने बताया कि युवक फर्रुखाबाद की ओर से आकर डिप को क्रॉस कर रहा था। अचानक पानी के बहाव में जाने लगा, तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बाहर निकाला। इसके बाद वह वहां से चला गया। (संवाद)
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अमृतपुर तहसील क्षेत्र के करीब 50 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित है। इस समय बाढ़ पीड़ितों के सामने सबसे बड़ी समस्या खाद्य सामग्री और घरेलू जरूरतों के सामान की बनी हुई है। कई गांवों में दुकानें बंद हैं या दुकानदार सामान मंगाने में असमर्थ हैं। ग्रामीणों को राशन, सब्जी, दवा और अन्य जरूरी सामान के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट है। बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली बंद होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। मोबाइल फोन चार्ज करने और अन्य जरूरी कामों में भी दिक्कत हो रही है। रामगंगा का जलस्तर 136.10 से घट कर 136.05 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 13380 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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बाढ़ ने रक्षाबंधन की खुशियों पर फेरा पानी, आवागमन बाधित
अमृतपुर। गंगा में आई बाढ़ ने ग्रामीणों की रक्षाबंधन की खुशियों पर पानी फेर दिया है। गांवों को जोड़ने वाले अधिकांश रास्तों पर दो से तीन फीट तक बाढ़ का पानी भरा है। इससे आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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गंगा में बाढ़ का कहर चारों ओर दिखाई दे रहा है। रक्षाबंधन पर हर बहन भाई की कलाई पर राखी बांधने को उत्साहित रहती है। गंगा किनारे के आशा की मड़ैया, कंचनपुर, सबलपुर, बरुआ, चित्रकूट, उदयपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, जोगराजपुर, मंझा, करनपुर घाट, माखन नगला, कालिका नगला, मिघन नगला, कुड़री सारंगपुर और तीसराम की मड़ैया सहित कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों को जाने वाले मुख्य मार्गों पर तीन से पांच फीट पानी तेज गति से बह रहा है। इससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। बहनों को भाइयों के घर पहुंचने के लिए बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई बहनें नाव का सहारा लेकर अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं। यह स्थिति उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। कुछ बेटियां और बहनें जान जोखिम में डालकर ससुराल से मायके पहुंच रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण वे अपनी बेटियों और बहनों को आने से रोक रहे हैं।
फोटो-9 युवक को पानी से बाहर निकलते पुलिसकर्मी। स्रोत: ग्रामीण
तेज बहाव में घुसा नशे में युवक
फर्रुखाबाद। शराब के नशे में धुत युवक बदायूं मार्ग स्थित चित्रकूट डिप पर पानी के तेज बहाव में घुस गया। इससे वह लड़खड़ाने लगा तभी डिप पर मौजूद सिपाहियों ने दौड़कर उसे पकड़ लिया और बाहर निकाला। काफी प्रयास के बावजूद वह नशे की वजह से नाम, पता नहीं बता सका। थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह ने बताया कि युवक फर्रुखाबाद की ओर से आकर डिप को क्रॉस कर रहा था। अचानक पानी के बहाव में जाने लगा, तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बाहर निकाला। इसके बाद वह वहां से चला गया। (संवाद)

फोटो-25 अंबरपुर गांव को ट्रैक्टर से जाते लोग। संवाद- फोटो : टूंडला के स्टेशन रोड पर बरसात के दौरान गुजरते वाहन संवाद

फोटो-25 अंबरपुर गांव को ट्रैक्टर से जाते लोग। संवाद- फोटो : टूंडला के स्टेशन रोड पर बरसात के दौरान गुजरते वाहन संवाद