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Farrukhabad News: कटरी तौफीक का अस्तित्व संकट में , बचे सिर्फ चार मकान
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फोटो-18 समैचीपुर चितार में कटान करतीं गंगा। संवाद
शमसाबाद। गंगा में बाढ़ से कटरी तौफीक का संविलियन विद्यालय खाली करवा दिया गया है। अब गांव में सिर्फ चार मकान ही बचे हैं। इससे गांव का अस्तित्व खतरे में है। ग्रामीण मकान तोड़ने में जुटे हैं। आसपास क्षेत्र में जलभराव होने से लोगों को दिक्कत है।
गंगा किनारे बसे कटरी तौफीक व समैचीपुर में कई दिन से कटान जारी है। कटरी तौफीक में अधिकांश मकान गंगा में समा चुके हैं। अब सिर्फ चार मकान ही बचे हैं। गंगा की धार संविलियन विद्यालय की ओर तेजी से बढ़ने के कारण खतरा मंडरा रहा है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक इख्तियार अहमद बृहस्पतिवार को नाव से विद्यालय पहुंचे। वह विद्यालय का पूरा सामान निकाल नाव से बाहर लेकर आए। सामान विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष गुड्डी देवी के घर पहुंचाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कटरी तौफीक चार स्थानों पर अलग-अलग बसा है। गुड्डी देवी का मकान कुछ ऊंचाई पर होने से सामान वहां रखा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का कटान विद्यालय और शेष बचे चार घरों की ओर बढ़ रहा है। शुक्रवार तक इनका अस्तित्व खत्म होने की आशंका जताई जा रही है। गांव में बचे लोग मकान तोड़ने में लगे हैं। हालांकि अधिकांश सामान वहां से निकाल लिया गया है। समैचीपुर में दिलवर, इंद्राज और राजा के मकान भी कटने की कगार पर हैं।
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गंगा किनारे बसे कटरी तौफीक व समैचीपुर में कई दिन से कटान जारी है। कटरी तौफीक में अधिकांश मकान गंगा में समा चुके हैं। अब सिर्फ चार मकान ही बचे हैं। गंगा की धार संविलियन विद्यालय की ओर तेजी से बढ़ने के कारण खतरा मंडरा रहा है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक इख्तियार अहमद बृहस्पतिवार को नाव से विद्यालय पहुंचे। वह विद्यालय का पूरा सामान निकाल नाव से बाहर लेकर आए। सामान विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष गुड्डी देवी के घर पहुंचाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि कटरी तौफीक चार स्थानों पर अलग-अलग बसा है। गुड्डी देवी का मकान कुछ ऊंचाई पर होने से सामान वहां रखा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का कटान विद्यालय और शेष बचे चार घरों की ओर बढ़ रहा है। शुक्रवार तक इनका अस्तित्व खत्म होने की आशंका जताई जा रही है। गांव में बचे लोग मकान तोड़ने में लगे हैं। हालांकि अधिकांश सामान वहां से निकाल लिया गया है। समैचीपुर में दिलवर, इंद्राज और राजा के मकान भी कटने की कगार पर हैं।
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फोटो-18 समैचीपुर चितार में कटान करतीं गंगा। संवाद

फोटो-18 समैचीपुर चितार में कटान करतीं गंगा। संवाद