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फतेहपुर: युवती से सामूहिक दुष्कर्म में तीन को 20-20 साल की कैद, पीड़िता को छह साल बाद मिला न्याय
Wed, 14 Oct 2020 07:18 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 14 Oct 2020 07:18 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
फतेहपुर जिले में युवती से गैंगरेप के मामले में फास्ट ट्रैक अदालत ने सभी तीन आरोपियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला न्यायालय में छह वर्षों से विचाराधीन था। अदालत ने मुल्जिमों को सजा सुनाने के साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अदालत का आदेश है कि आरोपियों के जुर्माने की रकम पीड़िता को देय होगी। यदि जुर्माने का भुगतान नहीं किया जाता है तो अभियुक्तों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
घटना तीन सितंबर 2014 को बकेवर थानाक्षेत्र के एक गांव की है। रूसी गांव के अनिल, राम सजीवन और ललौली थानाक्षेत्र के बहुआ के राजा ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था। घटना के वक्त युवती के पिता गांव से बाहर गए हुए थे और मां खेत में काम करने गई थी।
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तभी घर में युवती के अकेले होने का फायदा उठाकर तीनों घुस गए और तमंचा दिखाकर दुष्कर्म किया। देर शाम को जब युवती की मां घर लौटी तो उसने अपनी मां को आपबीती बताई। इस घटना की जानकारी जब पीड़िता ने पुलिस को दी तो संबंधित थाना पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
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अदालत का आदेश है कि आरोपियों के जुर्माने की रकम पीड़िता को देय होगी। यदि जुर्माने का भुगतान नहीं किया जाता है तो अभियुक्तों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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घटना तीन सितंबर 2014 को बकेवर थानाक्षेत्र के एक गांव की है। रूसी गांव के अनिल, राम सजीवन और ललौली थानाक्षेत्र के बहुआ के राजा ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था। घटना के वक्त युवती के पिता गांव से बाहर गए हुए थे और मां खेत में काम करने गई थी।
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तभी घर में युवती के अकेले होने का फायदा उठाकर तीनों घुस गए और तमंचा दिखाकर दुष्कर्म किया। देर शाम को जब युवती की मां घर लौटी तो उसने अपनी मां को आपबीती बताई। इस घटना की जानकारी जब पीड़िता ने पुलिस को दी तो संबंधित थाना पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
पीड़िता अपनी मां के साथ पुलिस अधीक्षक से मिली लेकिन तब आरोपियों के विरुद्घ एफआईआर नहीं दर्ज की गई। लाचार होकर पीड़िता ने एफआईआर कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
तब जाकर कोर्ट के आदेश पर मामले की एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को प्रकरण की सुनवाई कर रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लालबाबू यादव की अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव और बार महामंत्री विजय कुमार सिंह की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को सजा सुना दी।
अदालत ने आरोपी अनिल, राजा और राम सजीवन को 20-20 साल के सश्रम कारावास और तीनों पर 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम पीड़िता को देय होगी, अन्यथा की स्थित अभियुक्तों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत आने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
तब जाकर कोर्ट के आदेश पर मामले की एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को प्रकरण की सुनवाई कर रहे अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लालबाबू यादव की अदालत ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव और बार महामंत्री विजय कुमार सिंह की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को सजा सुना दी।
अदालत ने आरोपी अनिल, राजा और राम सजीवन को 20-20 साल के सश्रम कारावास और तीनों पर 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम पीड़िता को देय होगी, अन्यथा की स्थित अभियुक्तों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत आने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।