यूपी के चित्रकूट जिले में मऊ थाना क्षेत्र के रेडीभुसौली गांव के एक परिवार के छह बच्चे बिना किसी को बताए यमुना नदी नहाने गए जिसमें तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सोमवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हुई इस घटना से पूरे गांव व आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। 12 घंटे पहले गांव में धूमधाम से बरात निकली तो सोमवार की सुबह सभी दुल्हन के स्वागत की तैयारियां कर रहे थे, लेकिन अचानक काल के क्रूर हाथों ने रंग में भंग डाल दिया।
आगे की स्लाइड में पढ़िए- सभी ने वादा किया था कि जब बरात लौटेगी तो दुल्हन के साथ भी मिलकर डांस करेंगे
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शोकाकुल परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बरातियों को विदाई में मिठाई के साथ वर वधू के स्वागत की तैयारियों में जुटे परिजनों का अब रो रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक व्याप्त हो गया है। दोपहर को जब बरगदीपुरवा राजापुर से बरात लौटी तो दूल्हा समेत अन्य बरातियों को जीतू, अन्नू व सोनी तीन बच्चों की मौत की खबर पर विश्वास नहीं हुआ।
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रोती-बिलखती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि रविवार की देर शाम को रमेश निषाद की बरात राजापुर के लिए रवाना हुई थी। बारात से लौटकर आए दूल्हा रमेश के अलावा उसके भाई अशोक, पिता रामबालक व चाचा राजेश ने रोते हुए कहा कि बार बार मना कर गए थे कि बच्चों को नदी में नहाने मत भेजना लेकिन किसी ने इसका ध्यान नहीं दिया। घर की महिलाओं ने बताया कि छह बच्चे बिना किसी को बताए नदी नहाने चले गए थे।
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रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इस हादसे में जान गवाने वाले अन्नू, सोनी व जीतू के साथ नदी गई रानी देवी ने होश में आने के बाद बताया कि रविवार को बरात विदाई के समय सभी ने मिलकर खूब डांस किया था। सभी ने योजना बनाई थी कि सोमवार को जब बरात लौटेगी तो दुल्हन के साथ मिलकर डांस करेंगे।
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रोते-बिलखते परिजन, पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
जो छह बच्चे यमुना नदी नहाने गए थे उसमें मीरा देवी मूकबधिर है। उसकी छोटी बहन अन्नू भी नदी में डूब गई थी। किनारे बैठे वह यह सब देख हड़बड़ा गई चिल्लाने का प्रयास किया लेकिन मूकबधिर होने के कारण मन मसोस कर रह गई। वह बदहवास दौड़ती हुई घर पहुंची और जो भी परिजन मिला उसका हाथ पकड़कर जबरन घसीट कर नदी की ओर लाने लगी।