फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   the technology of IIT Kanpur will describe Air Quality

आईआईटी कानपुर की तकनीक बताएगी एयर क्वालिटी

Tue, 07 Apr 2015 02:23 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Tue, 07 Apr 2015 02:23 AM IST
विज्ञापन
the technology of IIT Kanpur will describe Air Quality
वायु प्रदूषण मापने के लिए आईआईटी कानपुर ने नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स बनाया है जिसकी औपचारिक लांचिंग सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। इस इंडेक्स का मुख्य सर्वर आईआईटी कानपुर में है। यहां से देश के 10 शहरों का वायु प्रदूषण मापा जा रहा है।
विज्ञापन


नई दिल्ली में वायु प्रदूषण का मानक रेड सिग्नल पार कर चुका है। कानपुर में भी वायु प्रदूषण का मानक ठीक नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मार्च 2014 को आईआईटी कानपुर को नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स बनाने का प्रोजेक्ट दिया।  इस पर सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. मुकेश शर्मा और उनकी टीम ने काम शुरू किया।
विज्ञापन


एक साल के रिसर्च से ही प्रो. मुकेश शर्मा ने वायु प्रदूषण मापने का नया मानदंड बना दिया है। अब प्रति क्यूबिक या प्रति घन मीटर से वायु प्रदूषण नहीं मापा जाएगा। इसके लिए 0-500 अंकों (साधारण नंबर) का मानक बना दिया गया है। जो मानक बना है, उसमें वायु प्रदूषण की गंभीरता का जिक्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया गया है कि किस अंक तक के वायु प्रदूषण से शरीर को क्या नुकसान हो सकता है।  तकनीक की सफल लांचिंग से उत्साहित आईआईटी के विज्ञानी ने बताया कि वायु प्रदूषण मापने का इंडेक्स देश के 66 शहरों में लगाया जाना है। इसका मुख्य सर्वर आईआईटी कानपुर में बना है।

हर शहर के वायु प्रदूषण का डाटा डिजिटल फार्म में आएगा, जिसे कनवर्ट करके वेबसाइट और संबंधित शहर के डिस्प्ले बोर्ड पर भेजा जाएगा। वायु प्रदूषण के जो मानक बने हैं, उसे साधारण व्यक्ति भी आसानी से समझ सकता है। इसके माध्यम से हर घंटे की एयर क्वालिटी जांची जा सकती है।

रेड सिग्नल बताएगा खतरा

पहला मौका है, जब वायु प्रदूषण के मानक के साथ चेतावनी भी जारी की जा रही है। कलर कांबिनेशन के माध्यम से बताया जा रहा है कि वायु प्रदूषण खतरनाक स्थिति पर पहुंच गया है। रेड सिग्नल के माध्यम से दुष्प्रभाव की जानकारी भी दी जा रही है।

नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स के माध्यम से सल्फर डाई आक्साइड (so2), नाइट्रोजन डाई आक्साइड (no2), कार्बन मोनो आक्साइड, ओजोन, पार्टिकुलेट मैटर-10 (pm10), पार्टिकुलेट मैटर-25 (pm25, जो कि फेफड़ों में जाकर जम जाता है) का मानक मापा जा रहा है।  

कानपुर सहित 10 शहर जुड़े

नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स से देश के 10 शहरों को जोड़ा गया है। कानपुर, नई दिल्ली, फरीदाबाद, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, हैदराबाद, चेन्नई, बंगलुरू और अहमदाबाद के वायु प्रदूषण का डेटा भी आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर सर्वर पर आ रहा है। यह डेटा संबंधित शहर के डिस्प्ले बोर्ड पर सामान्य भाषा में प्रदर्शित किया जा रहा है।


कानपुर के नेहरू नगर स्थित ब्रह्म नगर चौराहे पर नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स तकनीक का बोर्ड लगा है। जल्द ही इस तकनीक से देश के 56 और शहर जुड़ जाएंगे। हर राज्य की राजधानी का वायु प्रदूषण मापा जाएगा। 10 लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहरों को भी वायु प्रदूषण मापा जाना है। पहले चरण के दौरान 66 शहरों को जोड़ा जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed