Shuklaganj: शहर में खूंखार कुत्तों का आतंक, सवा महीने में 419 लोगों को काटा, टीबी के 34 नए मरीज भी मिले
Shuklaganj News: शहर में खूंखार का कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। सवा महीने में 419 लोगों को कुत्तों ने काटकर जख्मी किया है। वहीं, पांच लोगों को बिल्ली और 12 लोगों को बंदरों ने काटा है। वहीं, 41 दिनों में 34 नए टीबी के मरीज मिले हैं।
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शुक्लागंज नगर के कुत्ते कटखने होते जा रहे हैं। 41 दिनों में 419 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। इसमें 50 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। सभी ने पीएचसी में इलाज कराया और रैबीज का इंजेक्शन भी लगवाया। इसके अलावा पांच लोगों को बिल्ली और 12 लोगों ने बंदरों ने काटा है।
पीएचसी प्रभारी डॉ. रवि प्रकाश सचान ने बताया कि जनवरी माह में कुत्तों के काटने के 298 और एक से दस फरवरी के बीच 121 मरीज आए। इसके अलावा जनवरी से अब तक पांच को बिल्लियों व 12 लोगों को बंदरों ने काटा है, जिनका वैक्सीनेशन किया जा चुका है।
नगरीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लालबहादुर ने बताया कि ठंड के मौसम में कुत्ते अधिक हिंसक हो जाते हैं, चिड़चिड़े भी हो जाते हैं। ऐसे में यदि कुत्ते की ओर घूरकर देखने भर से उन्हें असुरक्षा का अहसास होता है और वह हमलावर हो जाते है। साथ ही यह मौसम उनके प्रजनन का भी होता है, जिससे कुत्तों के हमले के मामले में लगातार वृद्धि हो रही। ऐसे में लोगों को आवारा कुत्तों से दूर रहना चाहिए।
जनवरी से अब तक टीबी के 34 नये रोगी मिले
शुक्लागंज नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 41 दिनों में 34 नए टीबी के मरीज मिले हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पीएचसी का कहना है कि सर्दियों में मरीजों की संख्या में इजाफा होता है, क्योंकि ग्रसित मरीज यदि एक ही कमरे में स्वस्थ मरीज के साथ सोता है तो उसे भी संक्रमण होगा।
कानपुर और उन्नाव से रेफर हैं आधे मरीज
पीएचसी प्रभारी डॉ. रवि प्रकाश सचान ने बताया की बीते एक साल में इतने कम दिनों में अधिक मरीज मिलने का यह इस साल का पहला मामला है। जनवरी माह में 24 व एक से दस फरवरी के बीच दस नए मरीज टीबी के मिले हैं। टीबी पर्यवेक्षक विपिन पांडेय पांडे ने बताया कि इनमें से आधे मरीज कानपुर और उन्नाव जिला अस्पताल से रेफर किए हुए हैं, जो शुक्लागंज के रहने वाले है। पीएचसी में 162 टीबी मरीजों का उपचार किया जा रहा है।