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महंगी पड़ेगी चाय की चुस्की, देश में दो महीने में सौ अरब किलो चाय का उत्पादन हुआ कम

Wed, 27 May 2020 06:47 PM IST
शिखा पांडेय प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 27 May 2020 06:47 PM IST
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Tea costs will be expensive, production of hundred billion kg of tea reduced in two months in the country
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गूगल
कोरोना महामारी आने वाले समय में चाय प्रेमियों का जायका बिगाड़ने वाली है। बीते एक माह में सामान्य श्रेेणी की चाय में 50 रुपये तो प्रीमियम क्वॉलिटी की चाय में 100 रुपये किलो तक वृद्धि हुई है। आने वाले एक-दो महीने में दाम मेें और इजाफा हो सकता है। दरअसल, संक्रमण रोकने के लिए हुई संपूर्ण बंदी ने शहर, प्रदेश और देश के चाय कारोबार को भी बड़े स्तर पर प्रभावित किया है।
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खराब प्रभाव की शुरुआत असम, हिमाचल और पश्चिम बंगाल के चाय बागानों से हुई है। जो अब स्थानीय बाजार तक पहुंच चुका है। लॉकडाउन के चलते असम और बंगाल में मार्च-अप्रैल के दौरान चाय उत्पादन में करीब 65 फीसदी और मई में 50 फीसदी की कमी आई है। देश में दो महीने में सौ अरब किलो चाय का उत्पादन कम हुआ है। इससे आपूर्ति भी लगभग धड़ाम हो गई है। कई कंपनियों के पास तो प्रोसेसिंग (पत्ती से दाना बनने की प्रक्रिया) के लिए कच्चा माल तक नहीं है।
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मार्च में घटते हैं दाम, इस बार उलटा
कारोबारी बताते हैं कि मार्च में चाय की नई फसल आ जाती है। इससे कीमतों में गिरावट शुरू हो जाती है। जो अक्तूबर तक जारी रहती है। लेकिन इस बार मामला एकदम उलटा है। नई फसल आने के बावजूद कीमतों में बंपर उछाल है। दरअसल, बागानों में 15 मार्च से चाय की तुड़ाई शुरू होती है। अबकी यह काम रफ्तार पकड़ पाता कि उससे पहले  ही 22 मार्च से लॉकडाउन हो गया। इससे बागानों में पत्तियों की तुड़ाई नहीं हो सकी। इस वजह से नए माल की प्रोसेसिंग भी नहीं हो सकी। यह सिलसिला पूरे दो महीने चला। अब जब प्रोसेसिंग इकाइयां चालू हुईं तो श्रमिकों का संकट आ गया। अभी भी सामान्य से कम संख्या में लोगों के चाय बागानों में काम करने से परिचालन संबंधी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
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कारोबारी बोले
चाय कारोबार खराब दौर से गुजर रहा है। 17 मई के बाद 50 फीसदी कर्मियों से काम की अनुमति मिली है। कंपनियों के पास स्टॉक नहीं रह गया है। दो महीने में 100 मिलियन किलो चाय का उत्पादन कम हुआ है। - दिनेश अग्रवाल, मोहिनी चाय

बागानों में काम ठप होने से अलग-अलग क्वॉलिटी की चाय में 40 से 100 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। एक-एक बागान में चार हजार कर्मचारी तक काम करते हैं। लेकिन अभी 50 फीसदी की छूट मिली है। इसका असर चार महीने तक रहेगा। - राहुल जैन, तुलसी चाय


चाय पर लॉकडाउन का ज्यादा असर दिख रहा है। दो महीने तक उत्पादन न होने से आपूर्ति काफी प्रभावित हुई है। बाजार में कई क्वॉलिटी की चाय भी नहीं है। महीने भर बाद ही आपूर्ति पटरी पर आ सकती है। - पुरुषोत्तम बंसल, बंसल चाय
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