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Kanpur News: वैलेंटाइन डे पर प्रेमिका के नाम सुसाइड नोट लिखकर जेल में बंदी ने लगाया फंदा
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शिवम की फाइल फोटो ।
- फोटो : शिवम की फाइल फोटो ।
इटावा। पॉक्सो एक्ट में सात दिन पहले जिला कारागार लाए गए औरैया निवासी बंदी ने शुक्रवार तड़के बैरक में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस के मुताबिक इसमें उसने प्रेमिका के लिए लिखा है कि वह अपनी आखिरी कसम पूरी कर रहा है। तुम भी जल्द मेरे पास आ जाना। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है।
शिवम उर्फ अंकुश (22) पुत्र बृजपाल सिंह निवासी ग्राम अकबरपुर डाडा थाना फफूंद औरैया छह फरवरी को इटावा जिला कारागार लाया गया था। पॉक्सो एक्ट के आरोपी शिवम को क्वारंटीन बैरक संख्या 5- ए में रखा गया था। शुक्रवार सुबह 3:25 बजे आसपास सर्किल घड़ी हेड ओमप्रकाश निरंजन और बंदी रक्षक सुमित कुमार राउंड पर थे। तभी उन्होंने शिवम को बैरक में अरगड़े (दीवार में लगे लोहे के सरिये) में बंधे गमछे के फंदे से लटका देखा तो खलबली मच गई। तत्काल जेल डॉक्टर व जेलर को सूचना दी गई। जेल डॉक्टर व फार्मासिस्ट ने 3:45 बजे बंदी को मृत घोषित कर दिया गया।
जेल प्रशासन ने पुलिस थाना प्रभारी और मृतक के परिजनों को सूचित किया। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। जान देने वाले बंदी के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। वह उसने अपनी प्रेमिका के नाम लिखते हुए खुद जान देने की बात लिखी है। फोरेंसिक टीम ने उसे कब्जे में ले लिया है।
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छह फरवरी को शिवम को जेल लाया गया था। जब तक उसे फंदे से उतारा गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
- कुलदीप भदौरिया, जेल अधीक्षक
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शिवम उर्फ अंकुश (22) पुत्र बृजपाल सिंह निवासी ग्राम अकबरपुर डाडा थाना फफूंद औरैया छह फरवरी को इटावा जिला कारागार लाया गया था। पॉक्सो एक्ट के आरोपी शिवम को क्वारंटीन बैरक संख्या 5- ए में रखा गया था। शुक्रवार सुबह 3:25 बजे आसपास सर्किल घड़ी हेड ओमप्रकाश निरंजन और बंदी रक्षक सुमित कुमार राउंड पर थे। तभी उन्होंने शिवम को बैरक में अरगड़े (दीवार में लगे लोहे के सरिये) में बंधे गमछे के फंदे से लटका देखा तो खलबली मच गई। तत्काल जेल डॉक्टर व जेलर को सूचना दी गई। जेल डॉक्टर व फार्मासिस्ट ने 3:45 बजे बंदी को मृत घोषित कर दिया गया।
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जेल प्रशासन ने पुलिस थाना प्रभारी और मृतक के परिजनों को सूचित किया। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। जान देने वाले बंदी के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। वह उसने अपनी प्रेमिका के नाम लिखते हुए खुद जान देने की बात लिखी है। फोरेंसिक टीम ने उसे कब्जे में ले लिया है।
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छह फरवरी को शिवम को जेल लाया गया था। जब तक उसे फंदे से उतारा गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
- कुलदीप भदौरिया, जेल अधीक्षक