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चित्रकूट: खराब भोजन देने पर नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे
Mon, 29 Nov 2021 07:38 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 29 Nov 2021 07:38 PM IST
सार
एसडीएम प्र्रमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नवोदय विद्यालय के छात्र छात्राओं की प्रमुख मांगे भोजन व्यवस्था, पेयजल की थी, जिसकी मांग विद्यालय प्रबंधन मान गया है। उन्होंने कहा कि कुछ मांगों को लेकर तीन या चार दिन का समय दिया गया है।
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धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चित्रकूट जिले के मानिकपुर में गुणवत्ताविहीन भोजन देने और विद्यालय प्रबंधन पर अवस्थाओं का आरोप लगाकर जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राएं कक्षा से वॉकआउट कर विद्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। ये स्लोगन लिखी तख्ती भी लिए थे।
जानकारी होेने पर एडीएम विद्यालय पहुंचे और छात्र-छात्राओं व स्टाफ से बातचीत किया। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि भोजन की गुणवत्ता सही नहीं रहती। कई बार ऐसा चावल परोसा जाता है, जिसमें कीडे़ मकोडे़ निकलते हैं। पेयजल व्यवस्था भी सही नहीं है।
शिक्षण कार्य भी नहीं चल रहा है। लाइब्रेरी में किताब जमा करने में यदि देरी हो गई तो तीन गुना फाइन लगाया जाता है। शिकायत करने की बात पर घर भेज देने या विद्यालय से नाम काटने की धमकी दी जाती है।
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एसडीएम प्र्रमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नवोदय विद्यालय के छात्र छात्राओं की प्रमुख मांगे भोजन व्यवस्था, पेयजल की थी, जिसकी मांग विद्यालय प्रबंधन मान गया है। उन्होंने कहा कि कुछ मांगों को लेकर तीन या चार दिन का समय दिया गया है।
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जानकारी होेने पर एडीएम विद्यालय पहुंचे और छात्र-छात्राओं व स्टाफ से बातचीत किया। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि भोजन की गुणवत्ता सही नहीं रहती। कई बार ऐसा चावल परोसा जाता है, जिसमें कीडे़ मकोडे़ निकलते हैं। पेयजल व्यवस्था भी सही नहीं है।
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शिक्षण कार्य भी नहीं चल रहा है। लाइब्रेरी में किताब जमा करने में यदि देरी हो गई तो तीन गुना फाइन लगाया जाता है। शिकायत करने की बात पर घर भेज देने या विद्यालय से नाम काटने की धमकी दी जाती है।
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एसडीएम प्र्रमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नवोदय विद्यालय के छात्र छात्राओं की प्रमुख मांगे भोजन व्यवस्था, पेयजल की थी, जिसकी मांग विद्यालय प्रबंधन मान गया है। उन्होंने कहा कि कुछ मांगों को लेकर तीन या चार दिन का समय दिया गया है।