{"_id":"61358850d28fa05dee6b480f","slug":"students-of-degree-colleges-affiliated-to-the-university-made-serious-allegations","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंबरों का ‘बंदरबांट’, छात्रों के गले की फांस: विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंबरों का ‘बंदरबांट’, छात्रों के गले की फांस: विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
Mon, 06 Sep 2021 08:47 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 06 Sep 2021 08:47 AM IST
विज्ञापन
सीएसजेएमयू
- फोटो : गूगल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध कई डिग्री कॉलेजों के छात्र कम अंक आने से परेशान हैं। छात्रों ने कॉलेजों में एक जैसे नंबर आने पर शिकायत की है। उनका कहना है कि सभी को एक सीरीज में नंबर दे दिए गए हैं। कहीं न कहीं विवि से मूल्यांकन में चूक हुई है।
वहीं, प्रबंधकों का कहना है कि छात्र हित में कोर्ट जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। विश्वविद्यालय में इस बार स्नातक द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष और परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा कराई गई थी। परिणाम में विलंब हुआ तो छात्रों ने विरोध जताना शुरू कर दिया था।
इस पर विवि ने परिणाम जल्दबाजी में घोषित कर दिए। अब गलतियां सामने आ रही हैं। बीएससी तृतीय वर्ष में अधिकतर छात्रों को औसत अंक दिए गए हैं। छात्रों का कहना है कि कॉपियां जांची ही नहीं गई हैं। इसी कारण ऐसा हो रहा है। कुंदन लाल शुक्ला महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. सतीश शुक्ला ने बताया कि विवि को छात्रों की समस्या के बारे में बताएंगे।
विज्ञापन
सभी को एक जैसे नंबर कैसे दिए जा सकते हैं। आसपास के जिलों में पता लगाया गया तो कई कॉलेजों के परिणामों में यही गड़बड़ी की गई है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि जिन कॉलेजों या छात्रों को समस्या है, वह उनसे आकर मिलें। समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
केस1: कुंदन लाल शुक्ला महाविद्यालय रनियां की छात्रा आयुषी सिंह ने बताया कि उनको एक जैसे ही नंबर मिले हैं। जूलॉजी के पहले पेपर में 32, दूसरे में 31 और तीसरे में 32 नंबर दिए हैं। बॉटनी में भी 31, 32 और 36 नंबर मिले हैं। हर पेपर 75 नंबर का था। उन्होंने बताया कि अन्य बच्चों को भी 30 की सीरीज में नंबर दिए गए हैं। वैकल्पिक पेपर अच्छा गया था। ऐसे में इतने कम नंबर आ ही नहीं सकते।
केस2: श्री पुतू सिंह महाविद्यालय बिधनू की छात्रा काजोल ने बताया कि उनके कॉलेज में सभी बच्चों को एक जैसे ही नंबर मिले हैं। किसी को 30 की सीरीज में नंबर मिले हैं तो किसी को 20 की सीरीज में नंबर मिले हैं। उन्होंने विवि से अपील की कि आंसर शीट उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन
वहीं, प्रबंधकों का कहना है कि छात्र हित में कोर्ट जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। विश्वविद्यालय में इस बार स्नातक द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष और परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा कराई गई थी। परिणाम में विलंब हुआ तो छात्रों ने विरोध जताना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
इस पर विवि ने परिणाम जल्दबाजी में घोषित कर दिए। अब गलतियां सामने आ रही हैं। बीएससी तृतीय वर्ष में अधिकतर छात्रों को औसत अंक दिए गए हैं। छात्रों का कहना है कि कॉपियां जांची ही नहीं गई हैं। इसी कारण ऐसा हो रहा है। कुंदन लाल शुक्ला महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. सतीश शुक्ला ने बताया कि विवि को छात्रों की समस्या के बारे में बताएंगे।
विज्ञापन
सभी को एक जैसे नंबर कैसे दिए जा सकते हैं। आसपास के जिलों में पता लगाया गया तो कई कॉलेजों के परिणामों में यही गड़बड़ी की गई है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि जिन कॉलेजों या छात्रों को समस्या है, वह उनसे आकर मिलें। समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
केस1: कुंदन लाल शुक्ला महाविद्यालय रनियां की छात्रा आयुषी सिंह ने बताया कि उनको एक जैसे ही नंबर मिले हैं। जूलॉजी के पहले पेपर में 32, दूसरे में 31 और तीसरे में 32 नंबर दिए हैं। बॉटनी में भी 31, 32 और 36 नंबर मिले हैं। हर पेपर 75 नंबर का था। उन्होंने बताया कि अन्य बच्चों को भी 30 की सीरीज में नंबर दिए गए हैं। वैकल्पिक पेपर अच्छा गया था। ऐसे में इतने कम नंबर आ ही नहीं सकते।
केस2: श्री पुतू सिंह महाविद्यालय बिधनू की छात्रा काजोल ने बताया कि उनके कॉलेज में सभी बच्चों को एक जैसे ही नंबर मिले हैं। किसी को 30 की सीरीज में नंबर मिले हैं तो किसी को 20 की सीरीज में नंबर मिले हैं। उन्होंने विवि से अपील की कि आंसर शीट उपलब्ध कराई जाए।