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कोर्ट का आदेश: मां काे भरण-पोषण के लिए रूपये ना देने पर हाे सकती है जेल 

Wed, 09 May 2018 11:09 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 09 May 2018 11:09 AM IST
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Son's duty to maintain mother in old age says court
डेमाे पिक
मां को भरण पाेषण के लिए प्रति माह गुजारा भत्ता न देने वाले बेटे को गिरफ्तार किया जाएगा। एसडीएम सदर संजय कुमार की कोर्ट ने मां को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था। इसका अनुपालन न करने पर बेटे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
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झंडे वाला चौराहा, जूही लाल कालोनी निवासी सईदन ने बेटे अब्दुल सलाम निवासी जूही लाल कालोनी के खिलाफ माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण कल्याण अधिनियम के तहत मुकदमा दाखिल किया था। इसमें कहा था बेटा उनका भरण-पोषण नहीं करता है। 19 जून को कोर्ट ने आदेश दिया था कि अब्दुल सलाम अपनी मां को हर माह दो हजार रुपये भरण-पोषण के लिए देगा।

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किदवई नगर एसओ आदेश का अनुपालन कराएंगे। यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सईदन के साथ बेटा मारपीट न करे। अब्दुल सलाम ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। इस पर सईदन ने कोर्ट में अर्जी दी। कहा कि उसे भरण पोषण राशि नहीं दी जा रही है। इस पर थानाध्यक्ष को चेतावनी जारी की गई थी। मंगलवार को कोर्ट ने अब्दुल सलाम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।
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यह वांटर जुर्माने की वसूली की वसूली के लिए जारी होने वाले वारंट की तरह है। अदालत ने आदेश की कॉपी एसएसपी को भेजी है। वरिष्ठ नागरिक का भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 में 60 साल या इससे ऊपर की उम्र के लोगों को सीनियर सिटीजन माना गया है। बेटा, बेटी, पौत्र और पौत्री पर इनकी देखभाल करने का प्रावधान है।


अगर किसी के बच्चे नहीं है तो प्रापर्टी पर क्लेम करने वाले रिश्तेदारों को देखभाल करनी होगी। अगर कोई अपने मां-पिता, बाबा या दादी की देखभाल नहीं करता है तो एसडीएम दस हजार रुपये तक प्रतिमाह भत्ता दिला सकते हैं। न देने पर तीन माह की कैद, पांच हजार रुपये तक जुर्र्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।

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