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मैं हूं तो आजम को डरने की क्या जरूरत : मुलायम

Mon, 19 Oct 2015 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Updated Mon, 19 Oct 2015 01:44 AM IST
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So what am I to fear Azam: Mulayam

पूर्व सपा नेता अमर सिंह और भाजपा नेता संगीत सोम से अपनी जान का खतरा बताने वाले नगर विकास मंत्री आजम खां को सपा मुखिया मुलायम सिंह ने सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।

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कहा कि आजम खां को डरने की जरूरत नहीं है, हम तो हैं। रविवार को वह पूर्व राज्यसभा सदस्य चौधरी हरमोहन सिंह के पौत्र और विधान परिषद के पूर्व सभापति सुखराम सिंह के बेटे आर्यन चौधरी के तिलकोत्सव में भाग लेने आए थे।
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बता दें कि गत शनिवार को आजम खां ने रामपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अमर सिंह और भाजपा विधायक संगीत सोम ऐसे नेता हैं, जो कभी भी उनकी जान ले सकते हैं।
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इसी बात को लेकर जब पत्रकारों ने मुलायम से सवाल किया तो वह एक झटके में बोल पड़े, ‘जब मैं हूं तो किसी को फिक्र करने की क्या आवश्यकता।’ मुलायम के इस बयान को लेकर यह भी चर्चा उड़ी कि उन्होंने अमर सिंह की सपा में वापसी को हरी झंडी दे दी है।

इससे पहले निर्धारित समय दोपहर के 12 बजे वह हेलीकाप्टर से मेहरबान सिंह का पुरवा पहुंचे और सबसे पहले चौधरी हरमोहन सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। फिर सुखराम के परिवार से मिले। सिर्फ 15 मिनट रुकने के बाद वह लखनऊ वापस हो गए।

मुलायम की अगवानी से अखिलेश गुट गायब
कानपुर। विधान परिषद के पूर्व सभापति सुखराम सिंह यादव के बेटे के तिलक कार्यक्रम में पहुंचे सपा मुखिया मुलायम सिंह से मिलने के दौरान भी गुटबाजी साफ दिखी। नेताजी के खास बाबूजी यानी सुरेंद्र मोहन अग्रवाल का इस मौके से गायब रहना चर्चा का विषय बना। अग्रवाल के निजी सचिव ने बताया कि वह बाहर होने की वजह से पहुंच नहीं पाए।

मुख्यमंत्री अखिलेश के खास कहे जाने वाले अमिताभ वाजपेयी भी नदारद रहे। चर्चा है कि मुख्यमंत्री अखिलेश की सुखराम से पटरी नहीं खाने की वजह से वह नहीं पहुंचे। आजम खां के खास कहे जाने वाले विधायक सतीश निगम भी मुलायम की अगवानी में नहीं थे। बताया जा रहा है कि दूसरे कार्यक्रमों में व्यस्त होने की वजह से उन्हें भी देर हो गई।

पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा ने नहीं पहुंचने का कारण बताया कि वह कहीं फंसे थे, इसलिए देर हो गई। इसके अलावा पार्टी के तमाम नेता मुलायम तक पहुंच ही नहीं पाए। उन्हें रोक दिया गया।

पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रेश सिंह यादव, पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर, वर्तमान शहर अध्यक्ष महताब आलम ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव और शिवपाल के खास कहे जाने वाले राजपुरोहित शिवाकांत महाराज मुलायम के पास फटक भी नहीं पाए। मुलायम से मिलने आने वालों में फतेहपुर जनपद के सपाइयों की संख्या स्थानीय नेताओें से कहीं ज्यादा थी।


प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश उत्तम, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल गुप्ता, पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संतोष द्विवेदी प्रमुख रहे। लेकिन यह सभी लोग बाहर से ही ताकते रहे। सुखराम और मुलायम सिंह के साथ जो नेता अंदर रहे उसमें विधायक मुनींद्र शुक्ल और देहात इकाई के नेता कल्लू यादव थे।

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