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सिख दंगों की जांच, मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:45 AM IST
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गुमटी नं.-5 गुरुद्वारे के बाहर 1984 के दंगा पीड़ितों ने प्रदर्शन कर मांगें रखीं।
- फोटो : amarujala
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भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के अध्यक्ष सरदार कुलदीप सिंह भोगल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब कमेटी ने सरकार के निष्क्रिय रवैये पर नाराजगी जताई।
कहा गया कि अखिलेश सरकार से दंगे के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। एसएसपी से आरटीआई के माध्यम से दंगों में मृत सिखों की संख्या और नुकसान की जानकारी मांगी गई। सही जानकारी नहीं मिली। ज्यादातर थानों ने रिकॉर्ड नष्ट होने की बात कही है। मुआवजा संबंधी 357 मामलों को निरस्त कर दिया गया।
दिल्ली की तर्ज पर कानपुर में भी बंद मामलों को दोबारा खोला जाए ताकि दोषियों को सजा मिले। प्रदर्शन में सरदार कुलदीप सिंह भोगल, मोहकम सिंह, जसवंत सिंह भाटिया, परमजीत सिंह, राजेंदर सिंह, महेंदर सिंह, लवली भाटिया, कंवलजीत सिंह मानू, अजीत सिंह, साहिब सिंह शामिल रहे।
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कहा गया कि अखिलेश सरकार से दंगे के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई लेकिन सरकार ने ध्यान नहीं दिया। एसएसपी से आरटीआई के माध्यम से दंगों में मृत सिखों की संख्या और नुकसान की जानकारी मांगी गई। सही जानकारी नहीं मिली। ज्यादातर थानों ने रिकॉर्ड नष्ट होने की बात कही है। मुआवजा संबंधी 357 मामलों को निरस्त कर दिया गया।
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दिल्ली की तर्ज पर कानपुर में भी बंद मामलों को दोबारा खोला जाए ताकि दोषियों को सजा मिले। प्रदर्शन में सरदार कुलदीप सिंह भोगल, मोहकम सिंह, जसवंत सिंह भाटिया, परमजीत सिंह, राजेंदर सिंह, महेंदर सिंह, लवली भाटिया, कंवलजीत सिंह मानू, अजीत सिंह, साहिब सिंह शामिल रहे।
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