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सिख दंगा: ओएफसी की विभागीय जांच में दंगाइयों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत, एसआईटी को सौंपी रिपोर्ट
Fri, 04 Dec 2020 07:03 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 04 Dec 2020 07:03 PM IST
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सिख विरोधी दंगा
- फोटो : गूगल
1984 सिख विरोधी दंगों में अर्मापुर स्थित आर्डनेंस फैक्ट्री (ओएफसी) परिसर में हुई तीन हत्याओं के मामले में एसआईटी ने ओएफसी प्रशासन से गुरुवार को विभागीय जांच रिपोर्ट ले ली है। प्रशासनिक अधिकारियों से रिपोर्ट के संबंध में जानकारी भी ली है। बताया जा रहा कि जांच में दंगाइयों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत मिले हैं।
रिपोर्ट में जिन गवाहों और प्रत्यक्षदर्शियों का जिक्र है, एसआईटी अब उनसे संपर्क करने की कोशिश करेगी। ओएफसी के भीतर तीन कर्मचारियों आरएस अरोड़ा, कुलवंत सिंह और मोहन सिंह की हत्या हुई थी। अर्मापुर इस्टेट निवासी बजीर सिंह व सिम्मी भी मारे गए थे।
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रिपोर्ट में जिन गवाहों और प्रत्यक्षदर्शियों का जिक्र है, एसआईटी अब उनसे संपर्क करने की कोशिश करेगी। ओएफसी के भीतर तीन कर्मचारियों आरएस अरोड़ा, कुलवंत सिंह और मोहन सिंह की हत्या हुई थी। अर्मापुर इस्टेट निवासी बजीर सिंह व सिम्मी भी मारे गए थे।
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एसआईटी एसएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि तब ओएफसी प्रशासन ने हत्याकांड की विभागीय जांच कराई थी। इसकी जानकारी रंगनाथ मिश्र आयोग समेत अन्य दस्तावेजों से मिली। ओएफसी प्रशासन को कई बार पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी लेकिन उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके चलते गुरुवार को वे खुद ओएफसी पहुंचे और एसआईटी जांच की जानकारी देकर रिपोर्ट मांगी।
रिपोर्ट में हैं दंगाइयों के खिलाफ सुबूत
एसएसपी ने बताया कि विभागीय जांच एसआईटी की जांच के लिए बेहद अहम है। तमाम गवाहों व प्रत्यक्षदर्शियों का जिक्र है। जो लोग मिल जाएंगे, उनसे आरोपियों की शिनाख्त कराने से लेकर उनके खिलाफ गवाही दिलाई जाएगी। एसएसपी का कहना है कि अभी तक की जांच में जिस तरह के अहम साक्ष्य व गवाह मिले हैं, वो दंगाइयों को सजा दिलाने में कारगर साबित होंगे।
घटनास्थल पर इमारतें, फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार
ओएफसी के बाद एसएसपी नौबस्ता पहुंचे। यहां पर एक ही परिवार के दो लोगों की हत्या हुई थी। घटनास्थल का मुआयना किया। उसके बाद चकेरी में जेके कालोनी गए। यहां पर भी कई लोगों की हत्या की गई थी। इन दोनों घटनास्थलों पर अब इमारतें खड़ी हैं। नक्शा बनवाने के बाद एसएसपी लौट गए। एसएसपी ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। रिपोर्ट जांच में शामिल की गई है।
रिपोर्ट में हैं दंगाइयों के खिलाफ सुबूत
एसएसपी ने बताया कि विभागीय जांच एसआईटी की जांच के लिए बेहद अहम है। तमाम गवाहों व प्रत्यक्षदर्शियों का जिक्र है। जो लोग मिल जाएंगे, उनसे आरोपियों की शिनाख्त कराने से लेकर उनके खिलाफ गवाही दिलाई जाएगी। एसएसपी का कहना है कि अभी तक की जांच में जिस तरह के अहम साक्ष्य व गवाह मिले हैं, वो दंगाइयों को सजा दिलाने में कारगर साबित होंगे।
घटनास्थल पर इमारतें, फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार
ओएफसी के बाद एसएसपी नौबस्ता पहुंचे। यहां पर एक ही परिवार के दो लोगों की हत्या हुई थी। घटनास्थल का मुआयना किया। उसके बाद चकेरी में जेके कालोनी गए। यहां पर भी कई लोगों की हत्या की गई थी। इन दोनों घटनास्थलों पर अब इमारतें खड़ी हैं। नक्शा बनवाने के बाद एसएसपी लौट गए। एसएसपी ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। रिपोर्ट जांच में शामिल की गई है।