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Kanpur News: रात तक हुई खरीदारी... आज रंगों की बारिश
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इटावा। रविवार रात को होलिका दहन के बाद आज रंगों का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार युवाओं में हर्बल रंगों से होली खेलने का काफी क्रेज दिख रहा है। देर रात तक बाजार में भीड़ रही। लोगों ने रंगों के साथ ही तरह-तरह की टीशर्ट, कैप और चश्मे खरीदे।
होली का उत्साह बाजारों में देखने को मिला। शहर से लेकर कस्बों तक लोगों ने रंगों के साथ ही पिचकारी, कैप, तरह-तरह के मास्क और टीशर्ट खरीदें। इस बार युवाओं ने पानी वाले रंगों की जगह गुलाल व हर्बल रंग ज्यादा पसंद किए। आंखों को बचाने के लिए चश्मों की भी खूब बिक्री हुई। रात करीब नौ बजे तक शहर का बाजार गुलजार बना रहा।
वहीं, भद्रा होने की वजह से रात 11:13 के बाद होलिका दहन हुआ। शहर के पुर्विया टोला, चौगुर्जी, बलराम सिंह चौराहा, सिविल लाइन आदि जगह लोगों ने परिक्रमा करने के बाद होलिका का आशीर्वाद लिया। गन्नों में बंधे होरे और गेहूं की बालियों को भूना। बड़ी संख्या में लोग होलिका के जलते कंडे घर ले गए और वहां गुलरियों से बनी होलिका का दहन करके घर में भी पूजन किया। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों महेवा, जसवंतनगर, सैफई, भरथना, बकेवर, चकरनगर, बसरेहर में भी होलिका दहन हुआ।
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ढोल नगाड़ों के साथ होगा फाग
शहरों में भले ही फाग का चलन कम हो गया हो, लेकिन शहर के कुछ पुराने मोहल्ले आज भी फाग को जीवंत रखे हैं। शहर के मोहल्ला करौल और कटरा साहब खां में आज भी फाग में बुजुर्ग से लेकर युवा तक शामिल होते हैं। मोहल्ला करौल में सोमवार को सुबह करीब नौ बजे रूप किशोर श्रीवास्तव के घर के पास से लोग ढोल नगाड़ों के साथ निकलेंगे और पूरे मोहल्ले में घूमकर नौरंगाबाद चौराहे के पास सेंट्रल बैंक की गली के सामने पहुंचेंगे। टोली का जगह-जगह स्वागत होगा। फाग में शामिल लोग बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद और बराबर के लोगों से गले मिलकर बधाई देते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा मोहल्ला कटरा साहब का भी नजर आता है। यहां भी करीब नौ बजे भाग शुरू होगा।
30 से लेकर 60 रुपये तक बिके गन्ने::::
होलिका दहन के बाद पूजा में गन्ने और होरों का बड़ा महत्वा होता है। ऐसे में शनिवार से ही बाजारों में गन्ने की दुकानें सज गई थीं। रविवार को बड़ी संख्या में लोगों गन्ने और होरे खरीदे। लाल वाले गन्ने जहां 30 रुपये लेकर 60 रुपये तक बिके वहीं होरे 10 रुपये का लच्छा और चालीस रुपये किलो तक बिके। जिले में गन्ने की पैदावर कम होने की वजह से दुकानदार कानपुर, फतेहपुर, प्रयागराज समेत अन्य जिलों से गन्ने लाए थे।
बकेवर और लखना के बाजार में दिखी रौनक
बकेवर। होली के त्योहार को लेकर रविवार को बकेवर व लखना के बाजार में ग्रामीण क्षेत्र से आकर लोगों ने खरीदारी की। बकेवर, लखना में किराना की दुकानों पर मिठाई के साथ-साथ खोया की रंग अबीर गुलाल की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखी।
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होली का उत्साह बाजारों में देखने को मिला। शहर से लेकर कस्बों तक लोगों ने रंगों के साथ ही पिचकारी, कैप, तरह-तरह के मास्क और टीशर्ट खरीदें। इस बार युवाओं ने पानी वाले रंगों की जगह गुलाल व हर्बल रंग ज्यादा पसंद किए। आंखों को बचाने के लिए चश्मों की भी खूब बिक्री हुई। रात करीब नौ बजे तक शहर का बाजार गुलजार बना रहा।
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वहीं, भद्रा होने की वजह से रात 11:13 के बाद होलिका दहन हुआ। शहर के पुर्विया टोला, चौगुर्जी, बलराम सिंह चौराहा, सिविल लाइन आदि जगह लोगों ने परिक्रमा करने के बाद होलिका का आशीर्वाद लिया। गन्नों में बंधे होरे और गेहूं की बालियों को भूना। बड़ी संख्या में लोग होलिका के जलते कंडे घर ले गए और वहां गुलरियों से बनी होलिका का दहन करके घर में भी पूजन किया। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों महेवा, जसवंतनगर, सैफई, भरथना, बकेवर, चकरनगर, बसरेहर में भी होलिका दहन हुआ।
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ढोल नगाड़ों के साथ होगा फाग
शहरों में भले ही फाग का चलन कम हो गया हो, लेकिन शहर के कुछ पुराने मोहल्ले आज भी फाग को जीवंत रखे हैं। शहर के मोहल्ला करौल और कटरा साहब खां में आज भी फाग में बुजुर्ग से लेकर युवा तक शामिल होते हैं। मोहल्ला करौल में सोमवार को सुबह करीब नौ बजे रूप किशोर श्रीवास्तव के घर के पास से लोग ढोल नगाड़ों के साथ निकलेंगे और पूरे मोहल्ले में घूमकर नौरंगाबाद चौराहे के पास सेंट्रल बैंक की गली के सामने पहुंचेंगे। टोली का जगह-जगह स्वागत होगा। फाग में शामिल लोग बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद और बराबर के लोगों से गले मिलकर बधाई देते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा मोहल्ला कटरा साहब का भी नजर आता है। यहां भी करीब नौ बजे भाग शुरू होगा।
30 से लेकर 60 रुपये तक बिके गन्ने::::
होलिका दहन के बाद पूजा में गन्ने और होरों का बड़ा महत्वा होता है। ऐसे में शनिवार से ही बाजारों में गन्ने की दुकानें सज गई थीं। रविवार को बड़ी संख्या में लोगों गन्ने और होरे खरीदे। लाल वाले गन्ने जहां 30 रुपये लेकर 60 रुपये तक बिके वहीं होरे 10 रुपये का लच्छा और चालीस रुपये किलो तक बिके। जिले में गन्ने की पैदावर कम होने की वजह से दुकानदार कानपुर, फतेहपुर, प्रयागराज समेत अन्य जिलों से गन्ने लाए थे।
बकेवर और लखना के बाजार में दिखी रौनक
बकेवर। होली के त्योहार को लेकर रविवार को बकेवर व लखना के बाजार में ग्रामीण क्षेत्र से आकर लोगों ने खरीदारी की। बकेवर, लखना में किराना की दुकानों पर मिठाई के साथ-साथ खोया की रंग अबीर गुलाल की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखी।