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बैकों में ‘मियां की जूती मियां का सर’ का चला फंडा

Fri, 11 Nov 2016 08:02 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 11 Nov 2016 08:02 PM IST
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severed notes back to customers bank
डेमो
‘मियां की जूती मियां का सर’। स्टेट बैंक समेत अन्य बैंकों ने अपने खाता धारकों या नोट बदलने वालों के साथ यही किया। उपभोक्ताओं ने कुछ दिनों पहले जो सड़े-गले, कटे-फटे नोट बैंक में जमा कर नए नोट लिए थे, अब बैंकों ने वही नोट फिर उपभोक्ताओं के हवाले कर दिए। नियमत: इन नोटों को वापस रिजर्व बैंक भेजा जाना चाहिए था।
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रिजर्व बैंक की गाइड लाइन का उल्लंघन करने के लिए बैंक मजबूर भी थे। अचानक रातों-रात प्रतिबंधित हुए 500 और 1000 के नोट के बदले 4000 रुपये दिए जाने के आदेश से उपभोक्ताओं का बैंकों पर भारी दबाव था। हंगामे जैसे हालात थे। ऐसे में बैंक प्रबंधकों ने उन नोटों को ही बांट डाला जो घटिया होने पर
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रिजर्व बैंक वापस करने के लिए जमा किए गए थे।

इनमें ज्यादातर 10 और 5 के नोट थे। कुछ 100 के नोट भी बांटे गए। उधर, इस बारे में स्टेट बैंक मुख्य शाखा प्रबंधक सिद्धेश श्रीवास्तव का कहना है कि 10 और पांच के कटे-फटे नोट मई में आठ करोड़ और अक्तूबर में साढ़े छह करोड़ वापस रिजर्व बैंक को भेजे जा चुके हैं।
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