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आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक अब दवाएं भी तैयार करेंगे, वाइवेरियम लैब की हुई स्थापना
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 04 Nov 2018 11:54 AM IST
सार
- जानवरों पर शोध करने के लिए आईआईटी में वाइवेरियम लैब की स्थापना
- सबसे पहले कानपुर आईआईटी में हुई है इस लैब की स्थापना
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आईआईटी कानपुर
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विस्तार
आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक अब तकनीक के साथ-साथ मेडिकल के क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। यहां के वैज्ञानिक अब दवाएं तैयार करने के लिए भी शोध करेंगे। जानवरों पर शोध करने के लिए इंस्टीट्यूट में वाइवेरियम लैब की स्थापना भी की गई है। शनिवार को नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने इसका शुभारंभ किया। देश के सभी आईआईटी में कानपुर आईआईटी एक मात्र ऐसा इंस्टीट्यूट है, जहां इस लैब की स्थापना की गई है।
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आईआईटी कानपुर
लैब का सबसे ज्यादा फायदा बायोसाइंस एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिकों और छात्रों को मिलेगा। अभी जानवरों पर परीक्षण करने के लिए मेडिकल कॉलेजों की मदद लेनी पड़ती थी। वीके सारस्वत ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र की ज्यादातर जरूरतें तकनीक से जुड़ी होती हैं। ऐसे में तकनीकी शिक्षण संस्थान और मेडिकल कॉलेज को मिलकर इस दिशा में काम करने की जरूरत है। इस दौरान निदेशक प्रो. अभय करंदीकर भी मौजूद रहे।
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मेडिकल कॉलेज के छात्र भी आएंगे रिसर्च करने
बायोसाइंस एंड बायोइंजीनियरिंग के वैज्ञानिकों ने बताया कि वाइवेरियम लैब में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। केजीएमयू से इसके लिए पहले ही अनुबंध हो चुका है। ऐसा होने से गंभीर बीमारियों का सरल इलाज ढूंढने में सहूलियत होगी, नई दवाएं भी तैयार होंगी
बायोसाइंस एंड बायोइंजीनियरिंग के वैज्ञानिकों ने बताया कि वाइवेरियम लैब में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। केजीएमयू से इसके लिए पहले ही अनुबंध हो चुका है। ऐसा होने से गंभीर बीमारियों का सरल इलाज ढूंढने में सहूलियत होगी, नई दवाएं भी तैयार होंगी