Earthquake: आईआईटी के अर्थ साइंस विभाग के वैज्ञानिक का दावा- उत्तराखंड में आया भूकंप तो कानपुर में मचेगी तबाही
उत्तराखंड में भूकंप आता है तो उसके झटके कानपुर, लखनऊ, बरेली और आसपास के इलाकों में जरूर लगेंगे। तीव्रता के आधार पर ही तबाही का आकलन हो सकता है।
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कानपुर में मंगलवार देर रात महसूस किए गए मामूली झटकों को जानकार बड़ी तीव्रता वाले भूकंप का संकेत मान रहे हैं। आईआईटी कानपुर के अर्थ साइंस विभाग के प्रो. जावेद एन मलिक का कहना है कि उत्तराखंड के रामनगर इलाके में तीव्र भूकंप का खतरा मंडरा रहा है। आने वाले सालों में रामनगर इलाके में 7.5 से लेकर 8 रिएक्टर स्केल की तीव्रता वाला भूकंप आने की आशंका है।
वहां अगर भूकंप आता है तो उसके झटकों से कानपुर भी दहल जाएगा। साथ ही बरेली, लखनऊ और दिल्ली के इलाके भी प्रभावित होंगे। प्रो. जावेद और उनकी टीम पूरे देश में भूकंप के आधार पर सर्वे कर रही है। प्रो. जावेद ने बताया कि रामनगर इलाके में सन 1803 में भूकंप आया था। टीम ने जीपीआर, जीपीएस और सैटेलाइट की मदद से पहाड़ी और तराई के क्षेत्र में आए भूकंप के निशान तलाशे हैं। उनका दावा है कि उस दौरान 7.5 रिएक्टर स्केल की तीव्रता वाला भूकंप निश्चित आया होगा।
इसके बाद भूकंप आने के प्रमाण नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि पृथ्वी के नीचे एनर्जी स्टोर हो रही है, लेकिन अभी तक रिलीज नहीं हुई है। इसलिए भूकंप आने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इसका सटीक समय नहीं बताया जा सकता है। समय निश्चित भले ही न हो लेकिन भूकंप आना निश्चित है। उत्तराखंड में भूकंप आता है तो उसके झटके कानपुर, लखनऊ, बरेली और आसपास के इलाकों में जरूर लगेंगे। तीव्रता के आधार पर ही तबाही का आकलन हो सकता है।
सावधानियों पर दें ध्यान
प्रो. जावेद ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन समय रहते जानकारी काफी बचाव कर सकती है। उन्होंने कहा कि बिल्डिंगों का निर्माण बिल्डिंग कोड के नियमों के अनुसार ही करें।