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Kanpur News: पिंटू सेंगर पर गोलियां बरसाने वाले सऊद को दस साल कैद

Wed, 23 Apr 2025 02:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Apr 2025 02:15 AM IST
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Saud who fired bullets on Pintu Sengar sentenced to 10 years imprisonment
सउथ - फोटो : संवाद
कानपुर। आठ साल पहले पनकी मंदिर से लौट रहे बसपा नेता नरेंद्र सिंह सेंगर उर्फ पिंटू सेंगर पर अंधाधुंध गोलियां चलाने वाले सऊद अख्तर को फास्ट ट्रैक कोर्ट 52 के विशेष न्यायाधीश राहुल सिंह ने दस साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला सुनने कोर्ट नहीं पहुंचे दूसरे दोषी पप्पू स्मार्ट के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। थानाध्यक्ष को 28 अप्रैल तक पप्पू को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश दिए हैं।
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पिंटू के भाई धर्मेंद्र सिंह ने 17 जनवरी 2017 को चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि पिंटू रात लगभग दस बजे पनकी मंदिर से दर्शन कर कार से लौट रहे थे। तभी दो मोटरसाइकिल पर सवार स्मार्ट शूज का मालिक हरजेंद्रनगर निवासी मो. आसिम उर्फ पप्पू स्मार्ट, जाजमऊ दरगाह शरीफ निवासी सऊद अख्तर व दो अज्ञात लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली पिंटू के चेहरे पर लगी लेकिन लहूलुहान हालत में खुद ही गाड़ी चलाकर पिंटू थाने पहुंच गया, जहां से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे व अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि अभियोजन की ओर से धर्मेंद्र समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी एक गवाह पेश किया गया। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पप्पू और सऊद को हत्या के प्रयास का दोषी मानकर सजा सुनाई।
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छावनी विस क्षेत्र से चुनाव लड़ा था पिंटू ने
बसपा नेता रहे पिंटू सेंगर ने छावनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। घटना के बाद अस्पताल में पिंटू ने पुलिस को तो बयान दर्ज करा दिए थे लेकिन बाद में दूसरे हमले में पिंटू की मौत हो गई थी। इस वजह से कोर्ट में पिंटू के बयान नहीं हो सके थे।
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घटना के समय तिलक समारोह में होने की कहानी गढ़ी

बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह खुर्शीद अहमद को पेश किया गया था। कहा गया कि घटना वाली रात वह पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष महेश दीक्षित के बेटे के तिलक समारोह में शामिल थे। उसी दौरान पप्पू स्मार्ट भी वहां आया था। अगले दिन अखबारों से घटना की सूचना मिली लेकिन अभियोजन ने तर्क रखा कि समारोह का कोई कार्ड या फोटो पेश नहीं की गई और न ही महेश दीक्षित या उनके बेटे की गवाही कराई गई, इसलिए यह बयान संदेहास्पद है।




पप्पू की ओर से मांगी गई थी हाजिरी माफी

मुकदमे में मंगलवार को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन पप्पू की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र देकर फैसले को टालने की कोशिश की। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए हर हाल में निर्णय सुनाने की बात कही। हाजिर करने के लिए चार बजे तक का समय भी दिया गया, लेकिन वह नहीं आया। इसी के बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट जारी कर सऊद को सजा सुना दी।



सऊद पर 31 तो पप्पू पर दर्ज हैं 18 मुकदमे

पप्पू के खिलाफ विभिन्न थानों में 18 तो सऊद के खिलाफ 31 मुकदमे दर्ज हैं। सऊद के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 1989 में तो पप्पू के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2007 में दर्ज हुआ था। पप्पू पंजीकृत डी123 गैंग का सरगना भी है। चकेरी थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है। पप्पू के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई भी की गई थी। फरवरी 2024 में पप्पू जेल से रिहा होने के बाद लापता हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे आगरा से धोखाधड़ी के एक मुकदमे में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ महीनों बाद उसे जमानत मिल गई थी और वह जेल से रिहा हो गया था।
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