Hardoi: दो साल में पूरा न हो सका आरओबी, जाम से जूझते हैं लोग, डीएम बोले- जल्द पूरा कराएं निर्माण कार्य
आंझी रेलवे क्रासिंग पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज दो साल भी पूरा नहीं हो सकाह। इससे लोगों को जाम की समस्या से जुझना पड़ता है। डीएम ने निरीक्षण करने बाद कहा है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरदोई जिले में आंझी रेलवे क्रासिंग पर दो सालों से बन रहे रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। शिलान्यास के समय ब्रिज का निर्माण एक साल में पूरा होने की बात कही गई थी, मगर दो साल बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा है।
ऐसे में करीब 25 हजार लोग रोजाना जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायत होने पर शनिवार को डीएम एमपी सिंह ने आरओबी का निरीक्षण किया और काम की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। आंझी रेलवे क्रांसिंग पर आरओबी का निर्माण कार्य जून 2021 से शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
जानकारी के मुताबिक सेतु निगम ने अपना काम तो पूरा कर लिया है, लेकिन रेलवे लाइन के ऊपर बनने वाला ब्रिज का काम शुरू नहीं हो सका है। इस वजह से आरओबी का काम अधर में लटका हुआ है। इस रेलवे क्रासिंग से रोजाना टोडरपुर, पिहानी, शाहाबाद के लोग इस रेलवे क्रासिंग से निकलते हैं।
निर्माणाधीन ओवरव्रिज के पास उस समय ज्यादा दिक्कत होती है, जब गन्ना भरे ट्रक व ट्रैक्टर बड़ी संख्या में आवाजाही से जाम लगता है। डीएम ने बताया कि वह जानकारी कर रहे है निर्माण कार्य कब तक पूरा किया जाना था और किन कारणों से कार्य गति धीमी है। निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
45.39 करोड़ की लागत से बन रहा है आरओबी
सेतु निगम के क्वालिटी इंजीनियर मनोज कुमार ने बताया कि आंझी रेलवे क्रासिंग पर बनने वाले आरओबी की कुल लागत 45 करोड़ 39 लाख 39 हजार है। इसमें 12 करोड़ चार लाख 66 हजार की धनराशि से रेलवे को कार्य करना था, लेकिन रेलवे की शिथिलता के चलते ओवरब्रिज का निर्माण समय से पूरा नहीं हो सका हैं।
रेलवे को लग जाएगा करीब आठ माह
जानकारी के अनुसार रेलवे के हिस्से का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है। रेलवे जब कार्य करना शुरू करेगा तब उसे सात से आठ माह लग जाएंगे। इसके बाद ओवरब्रिज को शुरु करने में सेतु निगम को 45 दिन और लगेंगे, तब ओवरब्रिज आम जनता के लिए शुरू किया जा सकेगा।
अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार कार्यदायी संस्था को अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
डॉ. अमित पाठक का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर कार्य होना चाहिए। ताकि आवागमन सुगम हो सके और लोगों को जाम में परेशान न होना पड़े।
व्यापारी सतीश चंद्र राजपूत ने कहा कि मार्ग पर अत्यधिक वाहन होने के जाम जैसी स्थिति के चलते ज्यादातर दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच पाते है।
सत्यपाल ने कहा कि ओवरब्रिज का जल्दी से जल्दी निर्माण होना चाहिए। इससे आम लोगों को जाम की समस्या से निजात दिलाई जा सके।