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Kanpur: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर नेवी के रिटायर्ड अफसर से 19.50 लाख की ठगी, केस दर्ज
Sat, 24 Feb 2024 10:30 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 24 Feb 2024 10:30 PM IST
सार
कानपुर में नेवी के रिटायर्ड अफसर से 19.50 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर रिटायर्ड नेवी अफसर से साइबर ठगों ने 19.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने जब बताए गए एप में निवेश की गई रकम को मुनाफे के साथ निकालने का प्रयास किया तो उसे ठगी का पता चला। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बर्रा दामोदरनगर निवासी मोहन लाल वर्मा नेवी से रिटायर्ड अधिकारी हैं। वर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले उनके व्हाट्सएप पर ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाने का मैसेज आया। ठगों ने खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते हुए उन्हें निवेश संबंधी टिप्स देने शुरू कर दिए। कुछ दिन मुनाफा होने के बाद साइबर ठगों ने उन्हें निवेश के लिए एक एप डाउनलोड करने को कहा। इसके बाद उसमें लॉगइन कराकर निवेश कराना शुरू किया।
चूंकि एप में निवेश की गई रकम के साथ मुनाफे की बढ़ी रकम दिख रही थी। इसलिए वह निवेश करते चले गए। हालांकि जब उन्होंने निवेश की गई रकम निकालने के लिए शेयर बेचने का प्रयास किया तो वे नहीं बिके। उन्होंने ट्रेडिंग कराने वालों से फोन के जरिये संपर्क किया तो पहले तो उन्होंने तकनीकी दिक्कत बताते हुए कुछ दिन इंतजार करने को कहा। इसके बाद ठगों से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने पहले 1930 और फिर साइबर सेल में शिकायत की। साइबर क्राइम थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर रुपये वापस दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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बर्रा दामोदरनगर निवासी मोहन लाल वर्मा नेवी से रिटायर्ड अधिकारी हैं। वर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले उनके व्हाट्सएप पर ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाने का मैसेज आया। ठगों ने खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते हुए उन्हें निवेश संबंधी टिप्स देने शुरू कर दिए। कुछ दिन मुनाफा होने के बाद साइबर ठगों ने उन्हें निवेश के लिए एक एप डाउनलोड करने को कहा। इसके बाद उसमें लॉगइन कराकर निवेश कराना शुरू किया।
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चूंकि एप में निवेश की गई रकम के साथ मुनाफे की बढ़ी रकम दिख रही थी। इसलिए वह निवेश करते चले गए। हालांकि जब उन्होंने निवेश की गई रकम निकालने के लिए शेयर बेचने का प्रयास किया तो वे नहीं बिके। उन्होंने ट्रेडिंग कराने वालों से फोन के जरिये संपर्क किया तो पहले तो उन्होंने तकनीकी दिक्कत बताते हुए कुछ दिन इंतजार करने को कहा। इसके बाद ठगों से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने पहले 1930 और फिर साइबर सेल में शिकायत की। साइबर क्राइम थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर रुपये वापस दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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