Jalaun: कर्मचारियों के हटाने से चरमराई सफाई व्यवस्था, नहीं लग पाई झाड़ू, कई स्थानों पर जमा हो गया कूड़ा
कालपी नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों को हटाने का असर दिखने लगा है। शहर में जगह-जगह गंदी का अंबार लग गया है। कई इलाकों में झाड़ू भी नहीं लग पा रही है।
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जालौन जिले की नगर पालिका कालपी में संविदा पर रखे गए कर्मचारियो को हटाने से नगर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। शहर में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और सड़कों पर गंदगी ही देखने को मिल रही है। कई इलाकों में झाड़ू भी नहीं लग पा रही है।
नगर पालिका ने कालपी कस्बे की सफाई के लिए करीब 65 सफाई कर्मचारी आउटसोर्सिंग से तैनात किए गए थे। इस महीने से 15 कर्मचारियों को कम कर दिया गया है। इससे कई इलाकों में सफाई कर्मचारी पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। इसके चलते जगह-जगह गंदगी का ढेर लग गया है।
कांशीराम कॉलोनी के विद्यालय के आसपास बहुत गंदगी इकट्ठा हो गई है। मुख्य बाजार टरनगंज की सड़क टूटी फूटी तथा गड्ढा ग्रस्त होने के कारण उसमें झाड़ू भी नहीं लग पाती है। नालियां भी साफ नहीं हो पा रहीं हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।
सफाई निरीक्षक सुनील कुमार राजपूत ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक कालपी नगर में आबादी 51 हजार 600 थी। अब यह 70 हजार से ऊपर पहुंच गई है। बताया कि हेल्थ मैनुअल एक्ट, शासनादेश एवं जनगणना के मुताबिक पालिका में सफाई कर्मचारियों की संख्या 196 होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि संविदा कर्मचारियों की संख्या 64 तथा स्थाई कर्मचारियों की संख्या 65 है। कर्मचारियों की हटाने से पहले कोई फीडबैक भी नहीं लिया गया, जबकि सफाई व्यवस्था को लेकर हमारी ही जवाबदेही है। बेवजह हटाए गए सफाई कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी की भी समस्या पैदा हो रही है।