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उन्नाव सीएचसी का हाल, वार्ड में भर्ती करने से इंकार, स्ट्रेचर पर कर दिया इलाज
Mon, 02 Sep 2019 07:07 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 Sep 2019 07:07 PM IST
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नवाबगंज सीएचसी में स्ट्रेचर पर लेटा डायरिया से पीड़ित मरीज रमेश
- फोटो : अमर उजाला
उन्नाव के नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी जारी है। सोमवार सुबह अस्पताल पहुंचे डायरिया से पीड़ित वृद्ध को वार्ड में भर्ती नहीं किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे स्ट्रेचर पर ही लिटाकर ड्रिप लगा दी। लगभग दो घंटे तक मरीज स्ट्रेचर पर ही लेटा रहा।
इसके बाद उसे घर भेज दिया गया। सीएचसी का यह हाल तब है जब अपर निदेशक स्वास्थ्य के अलावा सीएमओ स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी दे चुके हैं। असोहा के बोधीखेड़ा गांव निवासी रमेश (45) पुत्र मेड़ेलाल को उल्टी व दस्त की शिकायत पर परिजन सोमवार सुबह नवाबगंज सीएचसी लाए थे।
बेटे अमित ने बताया कि डा. रमेश ने उसे ड्रिप लगाने की सलाह दी। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे वार्ड में भर्ती करने के बजाए स्ट्रेचर पर लिटाया और ड्रिप लगा दी। दो घंटे तक रमेश का इलाज स्ट्रेचर पर ही चलता रहा। ड्रिप चढ़ने के बाद उसे घर भेज दिया गया।
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बेटे अमित ने बताया कि उसने वार्ड ब्वाय से पिता को वार्ड में भर्ती करने को कहा था। हालांकि उसने वार्ड में जगह न होने की बात कही थी। जबकि सीएचसी प्रभारी डा. अरूण कुमार ने बताया कि मरीज ही वार्ड में भर्ती होने को तैयार नहीं होते हैं।
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इसके बाद उसे घर भेज दिया गया। सीएचसी का यह हाल तब है जब अपर निदेशक स्वास्थ्य के अलावा सीएमओ स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी दे चुके हैं। असोहा के बोधीखेड़ा गांव निवासी रमेश (45) पुत्र मेड़ेलाल को उल्टी व दस्त की शिकायत पर परिजन सोमवार सुबह नवाबगंज सीएचसी लाए थे।
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बेटे अमित ने बताया कि डा. रमेश ने उसे ड्रिप लगाने की सलाह दी। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे वार्ड में भर्ती करने के बजाए स्ट्रेचर पर लिटाया और ड्रिप लगा दी। दो घंटे तक रमेश का इलाज स्ट्रेचर पर ही चलता रहा। ड्रिप चढ़ने के बाद उसे घर भेज दिया गया।
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बेटे अमित ने बताया कि उसने वार्ड ब्वाय से पिता को वार्ड में भर्ती करने को कहा था। हालांकि उसने वार्ड में जगह न होने की बात कही थी। जबकि सीएचसी प्रभारी डा. अरूण कुमार ने बताया कि मरीज ही वार्ड में भर्ती होने को तैयार नहीं होते हैं।