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लंदन में रह रहे जहाज कारोबारी डॉ. रवि संवारेंगे गंगा घाट, जानिए इस 'यूपी के लाल' के बारे में

Sat, 13 Jan 2018 12:31 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 13 Jan 2018 12:31 PM IST
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Ravi malhotra will Restor Ganga Ghat
जहाज कारोबारी रवि कुमार मेहरोत्रा
गंगा घाटों को संवारने के कानपुर के मूल निवासी जहाज कारोबारी रवि मेहरोत्रा आगे आए हैं। उन्होंने कानपुर के गंगा घाटों के सौदर्यीकरण, रखरखाव और उन्हें आध्यात्मिक, दार्शनिक स्वरूप की जिम्मेदारी लेने के लिए हामी भरी है। गंगा पुनुरुद्धार मंत्री नितिन गडकरी से बातचीत के बाद घाटों की दशा सुधारने का खाका तैयार कर लिया गया है। पांच बड़े उद्योगपतियों ने देश भर में गंगा के अलग-अलग घाटों को संवारने की जिम्मेदारी ली है। इसमें हिंदुजा बंधु, एचसीएल ग्रुप के मुखिया शिव नाडर, वेदांता के अनिल अग्रवाल, जहाज कारोबारी रवि मेहरोत्रा और इंडोरोमा ग्रुप शामिल है। सूत्रों के मुताबिक इन उद्योगपतियों ने यूपी के गंगा गाटों को गोद लेने पर हामी भरी है जहां से उनका खास लगाव रहा है। 

 

आर्यनगर की गलियों में पढ़े, बढ़े और खेले हैं रवि

Ravi malhotra will Restor Ganga Ghat
जहाज कारोबारी रवि कुमार मेहरोत्रा
गंगा घाटों के पुनरुद्धार का जिम्मा लेने वाले ग्लोबल शिपिंग कंपनी के रवि कुमार मेहरोत्रा कानपुर शहर के पॉश एरिया आर्यनगर की गलियों में पढ़े, बढ़े और खेले हैं। रवि मेहरोत्रा की भतीजी अंजू वर्मा और उनके पति मुकुल वर्मा बताते हैं कि रवि बाबू अपने शहर को बहुत याद करते हैं। जानने वालों को फोन करके उनकी खैरियत पूछते हैं। कई बार कानपुर आए भी हैं। उनके बेटे अक्सर आते रहते हैं। शहर से दूर होकर भी उनका जुड़ाव शहर से कम नहीं हुआ। 
 

लंदन में बनाया ठिकाना 

Ravi malhotra will Restor Ganga Ghat
जहाज कारोबारी रवि कुमार मेहरोत्रा
रवि कुमार मेहरोत्रा बीते कई सालों से लंदन में परिवार समेत रह रहे हैं। दुनिया में इनकी पहचान पानी के जहाज के व्यवसाय से बनी है। वर्तमान में इनकी खुद की शिपिंग कंपनियां हैं। मरीन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, तेल के कुएं और कच्चे तेल की ट्रेडिंग का भी काम है। 1964 में मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने प्राइवेट शिपिंग कंपनी शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया में नौकरी की। कुछ सालों तक काम करने के बाद इन्होंने ईरान की शिपिंग कंपनी ज्वाइन की। मार्च, 1975 में ईरान-ओ-हिंद के मैनेजिंग डायरेक्टर बने। ईरान में एक दशक तक काम किया। 1984 के बाद इन्होंने लंदन में अपना खुद का शिपिंग कारोबार स्थापित किया। तब से से परिवार समेत वहीं पर रह रहे हैं। जानने वाले बताते हैं कि इन्होंने अपने एक जहाज का नाम आमेर-कानपुर रखा है। इनका एक शिपिंग इंस्टीट्यूट आमेर-मेरीटाइम इंस्टीट्यूट आर्यनगर में भी खुला है। 
 
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जीएनके में लेक्चरर थे पिता 

Ravi malhotra will Restor Ganga Ghat
जहाज कारोबारी रवि कुमार मेहरोत्रा
रवि कुमार मेहरोत्रा के पिता छोटे लाल मेहरोत्रा सिविल लाइंस स्थित गुरुनानक खत्री (जीएनके) इंटर कालेज में लेक्चरर थे। रवि बाबू की शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से हुई। रवि बाबू की भतीजी अंजू वर्मा और उनके पति मुकुल वर्मा बताते हैं कि रवि बाबू पांच भाई हैं। इनके बड़े भाई डॉ. एमएल मेहरोत्रा ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के विशेषज्ञ डॉक्टर थे। वे आगरा में रहते थे।
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