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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बोले: गुमनाम सेनानियों की वीरगाथाओं को सामने लाना होगा

Wed, 24 Nov 2021 10:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 24 Nov 2021 10:20 PM IST
सार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आजादी की लड़ाई में हजारों सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। इनमें अनेक बलिदानियों के नाम हम जानते हैं, लेकिन बहुतों के नाम इतिहास के पन्नों से कहीं गुम हो गए हैं। स्वाधीनता संग्राम में उत्तर प्रदेश और कानपुर के लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 

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President Ramnath Kovind says heroic tales of anonymous fighters have to be brought to the fore
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गुमनाम सेनानियों के योगदान को याद किया। मेहरबान सिंह का पुरवा में चौधरी हरमोहन सिंह यादव के जन्म शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा कि न जाने कितने सेनानियों के योगदान की बदौलत देश को स्वतंत्रता मिली थी। हम सभी का कर्तव्य है कि ऐसे गुमनाम सेनानियों के योगदान को लोगों के सामने लाया जाए।
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आजादी की लड़ाई में हजारों सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। इनमें अनेक बलिदानियों के नाम हम जानते हैं, लेकिन बहुतों के नाम इतिहास के पन्नों से कहीं गुम हो गए हैं। स्वाधीनता संग्राम में उत्तर प्रदेश और कानपुर के लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 
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कानपुर में 1857 के स्वाधीनता संग्राम का नेतृत्व करने वाले नानाजी पेशवा, तात्याटोपे और अजीम उल्ला खान की वीरता की गाथा सभी ने सुनी होगी, लेकिन अजीजन बाई और मैनावती जैसों के योगदान से लोग अच्छी तरह परिचित नहीं हैं। वर्तमान और भावी पीढ़ियों के समक्ष स्वाधीनता संग्राम की इन वीरांगनाओं के त्याग और बलिदान की प्रेरक गाथा रखी जानी चाहिए। 
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इसी प्रकार चंद्रशेखर आजाद और सरदार भगत सिंह के साथ नगर के जुड़ाव को बहुत लोग जानते हैं, लेकिन उनके अभिन्न सहयोगी रहे जयदेव कपूर और शिव वर्मा के बारे में कम लोग जानते हैं। वे यहीं डीएवी कालेज में पढ़ते थे। कानपुर में ही जन्मे स्वाधीनता सेनानी विजय कुमार सिन्हा और डॉ. गया प्रसाद के बारे में भी लोग बहुत कम जानते हैं। यहां पर कुछ ही नामों का जिक्र किया है, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है।
 

राष्ट्रपति का स्वागत कर लौट गए सीएम और राज्यपाल

शहर आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का चकेरी एयरफोर्स स्टेशन स्थित सिविल एयरोड्रम पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुलाब का फूल देकर स्वागत किया। राष्ट्रपति के मेहरबान सिंह का पुरवा के लिए रवाना होते ही मुख्यमंत्री और राज्यपाल लखनऊ लौट गए।

राष्ट्रपति सुबह 11:07 पर यहां पहुंचे और करीब 10 मिनट तक रुके। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, महापौर प्रमिला पांडेय, राज्यमंत्री नीलिमा कटियार, विधायक महेश त्रिवेदी, एमएलसी अरुण पाठक, भाजपा दक्षिण जिलाध्यक्ष डॉ. वीना आर्या पटेल, उत्तर जिलाध्यक्ष सुनील बजाज, मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर, जिलाधिकारी विशाख जी आदि ने राष्ट्रपति को फूल भेंट किया।

वैकल्पिक मार्ग पर सतर्क रही पुलिस
राष्ट्रपति के लिए विकल्प के रूप में सड़क मार्ग भी तैयार किया गया था। इसके लिए एयरोड्रम से हरजेंदर नगर चौराहे से फ्लाईओवर से मेहरबान सिंह का पुरवा का रूट तय किया गया था। हालांकि, इसकी जरूरत नहीं पड़ी, फिर भी पुलिस-प्रशासन चौकस रहा।

हरे कपड़े की जाली से छिपाई नाकामी
नगर निगम ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए एयरोड्रम के रास्ते पर उन जगहों पर हरे कपड़े की जाली लगा दी, जहां कूड़ा और गंदगी का ढेर लगा था।
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