अपने गृह जनपद पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, बेटियों को लेकर जताई चिंता
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राष्ट्रपति ने कहा कि दुर्भाग्य से हमारे देश में कुछ लोग अभी भी बेटियों के महत्व को नहीं समझ पा रहे हैं। मुझे खुशी है केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', 'सुकन्या समृद्धि' तथा 'किशोरी योजना' जैसे कार्यक्रमों से देशवासियों की सोच में बदलाव आ रहा है। इसके साथ ही सेक्स रेशियो में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कल्याण के लिए बदलती हुई आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर 2017 में एक नई स्वास्थ्य नीति लागू की गई। जिसमें स्वास्थ्य सेवा को प्रभावित करने वाले सामाजिक और आर्थिक कारणों पर विशेष ध्यान दिया गया है। केंद्र सरकार सरकार के 'सुरक्षित मातृत्व अभियान' कार्यक्रम का उद्देश्य नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं को गर्भवती महिलाओं तक पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के तहत किए गए प्रसूति-पूर्व जांच की संख्या डेढ़ करोड़ से भी अधिक है। इस अभियान से महिलाओं में भी काफी जागरूकता आई है।