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यूपी: शिक्षा के माध्यम से शहरों की श्रेणी में आ खड़ा हुआ गांव का एक पुरवा, राष्ट्रपति ने की चौ. हरमोहन सिंह के प्रयासों की प्रशंसा
Wed, 24 Nov 2021 10:54 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 24 Nov 2021 10:54 PM IST
सार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि जिस तरह से शौर्य चक्र से सम्मानित चौ. हरमोहन ने शिक्षा को माध्यम बनाकर गांव के एक पुरवा को शहर की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया, वह अनुकरणीय है। यह क्षेत्र अब प्राथमिक से लेकर तकनीकी शिक्षा का हब बन गया है।
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कानपुर में राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए ऐसे लोगों को आगे आने को कहा है, जिनके अंदर समाज के प्रति कुछ करने और त्याग की भावना है। वे बुधवार को मेहरबान सिंह का पुरवा में चौधरी हरमोहन सिंह के जन्म शताब्दी समारोह पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से शौर्य चक्र से सम्मानित चौ. हरमोहन ने शिक्षा को माध्यम बनाकर गांव के एक पुरवा को शहर की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया, वह अनुकरणीय है। यह क्षेत्र अब प्राथमिक से लेकर तकनीकी शिक्षा का हब बन गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास का माध्यम है। इस बात को चौधरी हरमोहन ने अच्छी तरह से समझा। उनकी सादगी व समाज के लिए किए गए योगदान से वे शुरू से ही परिचित रहे हैं। उन्होंने जीवन में पूरी ईमानदारी के साथ समाज के लिए काम किया।
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मुझे उनके साथ राज्यसभा में रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बताया कि उनके व्यक्तित्व के साथ समाज के प्रति किए गए योगदान से अभिभूत होकर ही उनके जन्म शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने आया हूं। राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के बाद हमारे समक्ष अनेक चुनौतियां थीं।
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उन्होंने कहा कि जिस तरह से शौर्य चक्र से सम्मानित चौ. हरमोहन ने शिक्षा को माध्यम बनाकर गांव के एक पुरवा को शहर की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया, वह अनुकरणीय है। यह क्षेत्र अब प्राथमिक से लेकर तकनीकी शिक्षा का हब बन गया है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास का माध्यम है। इस बात को चौधरी हरमोहन ने अच्छी तरह से समझा। उनकी सादगी व समाज के लिए किए गए योगदान से वे शुरू से ही परिचित रहे हैं। उन्होंने जीवन में पूरी ईमानदारी के साथ समाज के लिए काम किया।
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मुझे उनके साथ राज्यसभा में रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बताया कि उनके व्यक्तित्व के साथ समाज के प्रति किए गए योगदान से अभिभूत होकर ही उनके जन्म शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने आया हूं। राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के बाद हमारे समक्ष अनेक चुनौतियां थीं।
चौधरी हरमोहन जैसे व्यक्तित्व ने आगे बढ़कर इन चुनौतियों को स्वीकारा और समाज के समक्ष आने वाली बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया। कहा कि चौधरी साहब की ग्राम प्रधान से लेकर राज्यसभा की यात्रा सभी को प्रेरणा देने वाली है। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी चौधरी साहब की वीरगाथा और समाज के प्रति किए गए उनके कार्यों को याद किया।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने कहा कि चौधरी हरमोहन और उनके पिता के साथ अक्सर मुलाकातें और बातें होती थीं, उनसे मुझे भी बहुत कुछ सीखने को मिला। इस दौरान राज्यसभा सदस्य सुखराम ने सभी का अभिवादन किया और उनके पुत्र व आयोजन समिति के अध्यक्ष मोहित यादव ने सभी का आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने कहा कि चौधरी हरमोहन और उनके पिता के साथ अक्सर मुलाकातें और बातें होती थीं, उनसे मुझे भी बहुत कुछ सीखने को मिला। इस दौरान राज्यसभा सदस्य सुखराम ने सभी का अभिवादन किया और उनके पुत्र व आयोजन समिति के अध्यक्ष मोहित यादव ने सभी का आभार प्रकट किया।