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प्रसव के बाद अचानक बिगड़ी प्रसूता की हालत समय पर नहीं मिली एंबुलेंस, महिला की मौत

Thu, 27 Jun 2019 09:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 27 Jun 2019 09:19 PM IST
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pregnant women died due to lack of ambulance
महिला की जांच करते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट में प्रसव के बाद अचानक प्रसूता की हालत बिगड़ी तो डाक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था की वजह से एंबुलेंस प्रसूता को समय पर नहीं मिल सकी। जिसके चलते वह जिंदगी की जंग हार गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिली। जिसके चलते जान चली गई। नवजात स्वस्थ है।
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भरतकूप चौकी क्षेत्र के ग्राम ब्यूर रसिन का है। गांव के दादू भाई ने बताया कि पत्नी गीता (35) को गुरुवार की सुबह प्रसव दर्द के चलते एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन नंबर नहीं लगा। जिसके कुछ देर बाद घर में ही प्रसव हो गया। जब प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन निजी साधन से शिवरामपुर सीएचसी लेकर आए।
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सीएमओ बोले एंबुलेंस समय से न मिलने की कई शिकायतें आ रहीं

जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के नाम पर बोतल चढ़ा दिया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने शिवरामपुर सीएचसी से भी एंबुलेंस के लिए फोन किया लेकिन एक घंटे बाद एंबुलेंस मुहैया हो सकी। परिजन प्रसूता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने जच्चा को मृत घोषित कर दिया।

नवजात को भर्ती कर लिया गया है। उसकी हालत ठीक बताई गई है। इस घटना से परिजनों में शोक छा गया। परिजनों का आरोप था कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिली और सीएचसी में डॉक्टरों ने सही उपचार नहीं किया जिसके चलते मौत हुई है। मृतका के नवजात समेत चार पुत्र व दो पुत्रियां हैं। 

सीएमओ  डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया एंबुलेंस समय से न मिलने की कई शिकायतें आ रहीं हैं। इसकी शिकायत संबंधित संचालन विभाग के अधिकारियों से की गई है। प्रसूता की मौत के कारण की जानकारी ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर व स्टाफ से की जा रही है। प्रसव का समय पूरा होने के बाद भी प्रसूता को परिजन अस्पताल पहले नहीं लाए थे। जब असहनीय मामला बन गया तो वह अस्पताल लेकर आए हैं।
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