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Kanpur News: 93 हजार से अधिक वाहनों के नहीं बन सकेंगे प्रदूषण प्रमाण पत्र
Sat, 11 Apr 2026 01:04 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 11 Apr 2026 01:04 AM IST
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कानपुर देहात। जिले में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के वाहन चलाना अब मुश्किल होगा। परिवहन विभाग ने 15 अप्रैल से प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने के लिए ओटीपी आधारित प्रणाली लागू कर दी है। इस नियम के तहत बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले वाहनों का प्रदूषण प्रमाण नहीं बन पाएगा। इससे जिले के 93, 076 वाहन प्रभावित होंगे।
जिले में कुल 3, 29, 476 पंजीकृत वाहन हैं। इनमें भारी, हल्के चार पहिया, तिपहिया, दो पहिया और व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। अभी तक जिले में संचालित धुआं जांच केंद्रों पर उनकी मनमानी होती थी। कई बार केवल फोटो के आधार पर ही प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते थे। लेकिन, नई व्यवस्था में यह संभव नहीं होगा।
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जांच में पकड़े जाने पर लगेगा 10 हजार जुर्माना
जिन वाहनों पर एचएसआरपी प्लेट नहीं होगी और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं होगा, उनसे 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि एचएसआरपी लगवाना अनिवार्य है और समय-समय पर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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प्रक्रिया 2018 से है जारी
एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया वर्ष 2018 से चल रही है, लेकिन वाहन स्वामियों में जागरूकता की कमी और विभागीय लापरवाही के कारण आठ साल में भी 96 हजार वाहनों में यह प्लेट नहीं लग पाई। पहले भी सख्ती की गई पर चालान न होने के कारण लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब पुराने वाहनों की फिटनेस के लिए भी प्लेट अनिवार्य कर दी गई है।
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वर्जन..............
अब 15 अप्रैल से उन्हीं वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे, जिनमें एचएसआरपी लगी होगी। जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं होगी उनके प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बन सकेंगे। नई व्यवस्था ओटीपी आधारित होगी, जिसमें पारदर्शिता बढ़ेगी और मनमानी पर रोक लगेगी। - सोमलता यादव, एआरटीओ (प्रवर्तन)
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जिले में कुल 3, 29, 476 पंजीकृत वाहन हैं। इनमें भारी, हल्के चार पहिया, तिपहिया, दो पहिया और व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। अभी तक जिले में संचालित धुआं जांच केंद्रों पर उनकी मनमानी होती थी। कई बार केवल फोटो के आधार पर ही प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते थे। लेकिन, नई व्यवस्था में यह संभव नहीं होगा।
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जांच में पकड़े जाने पर लगेगा 10 हजार जुर्माना
जिन वाहनों पर एचएसआरपी प्लेट नहीं होगी और प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं होगा, उनसे 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि एचएसआरपी लगवाना अनिवार्य है और समय-समय पर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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प्रक्रिया 2018 से है जारी
एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया वर्ष 2018 से चल रही है, लेकिन वाहन स्वामियों में जागरूकता की कमी और विभागीय लापरवाही के कारण आठ साल में भी 96 हजार वाहनों में यह प्लेट नहीं लग पाई। पहले भी सख्ती की गई पर चालान न होने के कारण लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब पुराने वाहनों की फिटनेस के लिए भी प्लेट अनिवार्य कर दी गई है।
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वर्जन..............
अब 15 अप्रैल से उन्हीं वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे, जिनमें एचएसआरपी लगी होगी। जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं होगी उनके प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बन सकेंगे। नई व्यवस्था ओटीपी आधारित होगी, जिसमें पारदर्शिता बढ़ेगी और मनमानी पर रोक लगेगी। - सोमलता यादव, एआरटीओ (प्रवर्तन)