'बिंडोला जिंदा है मर गया' इस सवाल में उलझी पुलिस, जानिए कौन है ये शातिर अपराधी
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उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के शातिर अपराधी बिंडोला पर महोबा जिले के विभिन्न थानों में 27 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार पुलिस की नजरों से बचने के लिए बिंडोला ने नाटक रच मिले अज्ञात शव की शिनाख्त अपने रूप में करवा दी, जिससे पुलिस का ध्यान उसके ऊपर से हट जाए और वह अपराध करता रहे।
मौदहा कोतवाली पुलिस को 'बिंडोला जिंदा है मर गया' यह सवाल परेशान किए है। हालांकि जांच में बिंडोला के जिंदा होने व उसके नोएडा में छिपे होने के पर्याप्त साक्ष्य सामने आए हैं। गुरुवार को मुख्यालय आए डीआईजी ने भी बिंडोला केस का मीडिया व एसपी के सामने जिक्र किया था। मामला कुछ भी हो मगर पूरे घटनाक्रम में मौदहा पुलिस दो पुत्रों समेत पिता को जेल भेज चुकी है। बिंडोला के जिंदा होने संबंधी मामले की जांच मौदहा कोतवाल राजीव मिश्रा को दी गई है।
पिछले 14 मई 2015 को मौदहा कोतवाली क्षेत्र के भवानी गांव के जंगल में पुलिस ने एक अधजला व क्षतविक्षत शव बरामद किया था। महोबा के खन्ना थाना व कस्बा निवासी शातिर अपराधी बिंदादीन उर्फ बिंडोला (24) के रूप में उसके परिजनों ने शिनाख्त की थी। इस मामले में बिंडोला के बड़े भाई हरीदास पुत्र मंगी प्रजापति की तहरीर पर खन्ना निवासी भगवानदीन उर्फ लल्लू, भाऊ पुत्रगण रतिया व रतिया पुत्र मसुवा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेजा गया था और मौजूदा समय में सभी जमानत पर हैं।
गुरुवार को मुख्यालय आए डीआईजी मनोज तिवारी ने बिंडोला केस का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बिंडोला के जिंदा या मुर्दा होने संबंधी तीन वर्ष पुराने मामले की जांच मौदहा कोतवाल राजीव मिश्रा कर रहे हैं। डीआईजी ने बताया कि पुलिस की जांच में बिंडोला जिंदा है और उसके नोएडा में छिपे होने के साक्ष्य मिल रहे हैं। कोतवाल ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।