फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   pain may have spilled tears on hearing the famous woman cricketer

इस फेमस महिला क्रिकेटर का दर्द सुनकर छलक पड़ते हैं आंसू

Sun, 23 Oct 2016 05:55 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 23 Oct 2016 05:55 PM IST
विज्ञापन
 pain may have spilled tears on hearing the famous woman cricketer
चर्चित महिला क्रिकेटर सौम्या सिंह झेल रही आर्थिक तंगी का दंश - फोटो : अमर उजाला
घर की आर्थिक हालत ऐसी कि 500 रुपये की दवाईयां खरीदने के लिए दूसरों के सामने हाथ फैलाने पड़ रहे, प्रैक्टिस के दौरान घुटना फ्रैक्चर हो गया तो ऑपरेशन की रकम इकट्ठा करना मुश्किल। ऐसी ही तमाम परेशानियों के बीच जिंदगी गुजार रही है क्रिकेट की दुनिया में धाक जमाने वाली कानपुर की चर्चित महिला क्रिकेटर सौम्या सिंह। 
विज्ञापन

कमला क्लब में प्रैक्टिस के दौरान घुटना फ्रैक्चर होने से घायल हुई सौम्या को इलाज के लिए अपने क्रिकेटर भाई गगनदीप की मौत के बाद मिले इंश्योरेंश की रकम का सहारा लेना पड़ा है। सौम्या के भाई गगनदीप सिंह भी क्रिकेटर थे। साल 2009 मेरठ में अंडर-22 मैच खेलने के दौरान हुई कहासुनी में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सौम्या का कहना है कि दो साल पहले प्रभावी पैरवी न होने और पैसों की कमी के कारण केस छूट गया और सभी आरोपी बरी हो गए। 
विज्ञापन

कानपुर गोविंद नगर की रहने वाली सौम्या 1 सितंबर 2016 को कमला क्लब में अंडर-23 का ट्रायल देने पहुंची थीं। गेंदबाजी करना शुरू किया, तभी बाएं पैर के घुटने में मोच आ गयी। गेंदबाजी नहीं कर सकीं। बाद में डॉक्टर से सलाह ली तो चोट के गंभीर होने की जानकारी मिली। डॉक्टर ने कहा कि ऑपरेशन कराना पड़ेगा। इस पर एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च होंगे। यह सुनते ही सौम्या के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह कहती हैंं कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पिता सुरेंद्र सिंह और मां रेखा सिंह किसी तरह घर चला रहे हैं। ऐसे में इलाज का पैसा जुटा पाना मुश्किल है। लगता है अब क्रिकेट ग्राउंड से दूर रहना पड़ेगा। खैर, बिटिया का दर्द पिता ने महसूस किया और क्रिकेटर बेटे गगनदीप सिंह की मौत के बाद मिले इंश्योरेंस के पांच लाख रुपये की एफडी तोड़ दी। बेटी का इलाज कराया। अब वह बेड रेस्ट पर हैं। विशेष तैयारी के बाद पांच से छह महीने में मैदान पर वापसी कर सकती हैं। हालांकि उपचार पर काफी खर्च आ रहा है। इसका निर्वहन करने में परिवार को दिक्कत आ रही है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन
सौम्या ने यूपीसीए की तरफ से अंडर- 19 मैच खेले हैं। सेंट्रल जोन और रणजी मैच में दमदार प्रदर्शन किए हैं। वह आल राउंडर खिलाड़ी हैं। गेंद और बल्ले के साथ बराबर न्याय किया है। वह दाहिने हाथ की तेज गेंदबाज भी हैं। अब अंडर-23 का ट्रायल दे रही थीं। सेलेक्शन के बाद जनवरी 2017 से मैच प्रस्तावित हैं। यह मैच सौम्या खेल पाएंगी या नहीं, यह अभी तय नहीं है। 
इंश्योरेंस ब्याज की रकम से चल रहा परिवार
गगनदीप की हत्या के बाद इंश्योरेंस के पांच लाख रुपये मिले थे। यह पैसा डाक विभाग में जमा है। प्रतिमाह 3500 रुपये ब्याज मिलता है। इसी से परिवार का खर्च चलता है। सौम्या की फीस जमा होती है।   

आठ साल बीते, फिर भी नहीं मिली मैच फीस
सौम्या के भाई गगनदीप ने वर्ष 2009 में इंडिया की तरफ से अंडर-19 का मुकाबला खेला था। आस्ट्रेलिया टूर पर गए थे। गेंदबाजी और बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया था। बाद में मौत हो गई।  पिता सुरेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यपीसीए) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को पत्र भी लिखे। कहा कि अंडर-19 केे सभी खिलाड़ियों को मैच फीस मिल गई है लेकिन गगनदीप की फीस आठ साल से नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed