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उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ के छह केंद्रों पर धान खरीद बंद
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कानपुर देहात। किसानों को होने वाले भुगतान में देरी के चलते यूपीएसएस के छह क्रय केंद्रों पर धान की सरकारी खरीद बंद कर दी गई है। इससे खाद्य विभाग व मंडी समिति के क्रय केंद्रों पर धान खरीद का दबाव बढ़ा है।
जनपद मेें छह क्रय एजेंसियों को धान की सरकारी खरीद के लिए अधिकृत किया गया था। कुल 55 क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू की गई थी। इधर यूपीएसएस (उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ) के जनपद में छह क्रय केंद्र बनाए गए थे।
इन क्रय केंद्रों पर 561 किसानों से 4485 एमटी धान खरीदा गया। किसानों से धान खरीद के बाद धीमी गति से भुगतान की स्थिति को लेकर शासन की ओर से नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद भी क्रय एजेंसी की ओर से किसानों को समय से भुगतान नहीं किया गया।
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अभी करीब 160 किसानों को पैसा नहीं दिया गया है। ऐसे में यूपीएसएस को सरकारी धान की खरीद करने से रोक दिया गया है। क्रय केंद्रों पर तौल बंद हुई तो किसानों को दूसरे क्रय केंद्रों तक धान ले जाना पड़ रहा है।
मंडी समिति परिसर झींझक में खाद्य विभाग, मंडी समिति के दो क्रय केंद्र बचे हैं। अब इन क्रय केंद्रों पर किसानों की धान की खरीद का दबाव बढ़ा है। वहीं जनपद में अब 49 क्रय केंद्रों पर ही धान की खरीद हो रही है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यूपीएसएस के क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। फिलहाल इन क्रय केंद्रों पर धान की खरीद का कोई आदेश नहीं है। इसकी वजह से खाद्य विभाग के क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान पहुंच रहे हैं।
एक नजर में भुगतान की स्थिति
यूपीएसएस के मैथा ब्लॉक के बलेथा क्रय केंद्र पर 163 किसानों से 1245 एमटी धान खरीदा गया। यहां 103 किसानों का भुगतान हुआ है। भोगनीपुर के बढ़ौली में 87 किसानों से 681 एमटी खरीद हुई। यहां 80 किसानों को भुगतान हुआ है।
दोहरापुर में 72 किसानों से 593 एमटी धान खरीदा गया। यहां 69 किसानों का भुगतान हुआ। रसूलाबाद के तारनपुरवा क्रय केंद्र पर 91 किसानों से 664 एमटी धान खरीद हुई। यहां 61 किसानों का भुगतान हो सका। वहीं झींझक के मंडी परिसर क्रय केंद्र पर 163 किसानों से 1245 एमटी धान खरीद हुई।
यहां 103 किसानों का ही भुगतान हो सका है। सरदारपुरवा क्रय केंद्र पर 102 किसानों से 858 एमटी धान खरीदा गया इसमें से 49 किसानों का ही भुगतान हो सका है।
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जनपद मेें छह क्रय एजेंसियों को धान की सरकारी खरीद के लिए अधिकृत किया गया था। कुल 55 क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू की गई थी। इधर यूपीएसएस (उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ) के जनपद में छह क्रय केंद्र बनाए गए थे।
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इन क्रय केंद्रों पर 561 किसानों से 4485 एमटी धान खरीदा गया। किसानों से धान खरीद के बाद धीमी गति से भुगतान की स्थिति को लेकर शासन की ओर से नाराजगी जताई गई थी। इसके बाद भी क्रय एजेंसी की ओर से किसानों को समय से भुगतान नहीं किया गया।
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अभी करीब 160 किसानों को पैसा नहीं दिया गया है। ऐसे में यूपीएसएस को सरकारी धान की खरीद करने से रोक दिया गया है। क्रय केंद्रों पर तौल बंद हुई तो किसानों को दूसरे क्रय केंद्रों तक धान ले जाना पड़ रहा है।
मंडी समिति परिसर झींझक में खाद्य विभाग, मंडी समिति के दो क्रय केंद्र बचे हैं। अब इन क्रय केंद्रों पर किसानों की धान की खरीद का दबाव बढ़ा है। वहीं जनपद में अब 49 क्रय केंद्रों पर ही धान की खरीद हो रही है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यूपीएसएस के क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। फिलहाल इन क्रय केंद्रों पर धान की खरीद का कोई आदेश नहीं है। इसकी वजह से खाद्य विभाग के क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान पहुंच रहे हैं।
एक नजर में भुगतान की स्थिति
यूपीएसएस के मैथा ब्लॉक के बलेथा क्रय केंद्र पर 163 किसानों से 1245 एमटी धान खरीदा गया। यहां 103 किसानों का भुगतान हुआ है। भोगनीपुर के बढ़ौली में 87 किसानों से 681 एमटी खरीद हुई। यहां 80 किसानों को भुगतान हुआ है।
दोहरापुर में 72 किसानों से 593 एमटी धान खरीदा गया। यहां 69 किसानों का भुगतान हुआ। रसूलाबाद के तारनपुरवा क्रय केंद्र पर 91 किसानों से 664 एमटी धान खरीद हुई। यहां 61 किसानों का भुगतान हो सका। वहीं झींझक के मंडी परिसर क्रय केंद्र पर 163 किसानों से 1245 एमटी धान खरीद हुई।
यहां 103 किसानों का ही भुगतान हो सका है। सरदारपुरवा क्रय केंद्र पर 102 किसानों से 858 एमटी धान खरीदा गया इसमें से 49 किसानों का ही भुगतान हो सका है।