टेनरियों के बाद दूसरे उद्योगों पर नकेल कसेगा पीसीबी, 300 दूसरी इकाइयां भी गंगा किनारे स्थापित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के जाजमऊ में स्थापित टेनरियों के पैडल तोड़ने का नोटिस जारी होने के बाद अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) गंगा किनारे स्थापित दूसरी औद्योगिक इकाइयों पर फोकस कर रहा है। इन इकाइयों में यह देखा जाएगा कि इनसे निकलने वाले हानिकारक कचरे से गंगा को कितना नुकसान हो रहा है।
महानगर में गंगा किनारे टेनरियों के अलावा करीब 300 से अधिक दूसरे उद्योग स्थापित हैं, जिसमें डाइंग इंडस्ट्री और बैटरी इंडस्ट्री ऐसी हैं, जिससे निकलने वाले कचरे से गंगा के पानी को ज्यादा हानि पहुंचती है। इससे पहले भी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से डाइंग इंडस्ट्री को रेड जोन में डाला जा चुका है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार गंगा की शुद्धता बनाए रखने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों अपने कचरे के ट्रीटमेंट का काम खुद करना होगा। जल्द ही इन इकाइयों की जांच भी नए सिरे से कराई जाएगी।
राम गंगा, काली नदी पर भी नजर
कन्नौज और फर्रुखाबाद और इसके आसपास के क्षेत्रों से गंगा में मिलने वाली सहायक नदियां रामगंगा और काली नदी में किन-किन औद्योगिक इकाइयों का कचरा आ रहा है, इसकी भी जांच की जाएगी। इसके लिए भी सहायक नदियों के किनारे स्थापित उद्योगों को नोटिस जारी होगा।