कानपुर: मंत्री जी से करा दिया गड्ढों वाली सड़क का लोकार्पण, 2018 से हो रहा है निर्माण, मामले में उठने लगे सवाल
Kanpur News: दादानगर में शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद पैचवर्क की जांच करने पनकी जा रहे पीडब्ल्यूडी मंत्री को बेढंगे स्पीड ब्रेकर में हिचकोले लगे। विजयनगर चौराहे के पास कालपी रोड में स्पीड ब्रेकर में कार उछलते ही कैबिनेट मंत्री ने नाराज हो गए और स्पीड ब्रेकर को मानकों के अनुरूप बनाने के निर्देश दिए।
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कानपुर में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने अपने नंबर बढ़वाने के लिए विभागीय मंत्री से नौ नंबर क्रॉसिंग से छपेड़ा पुलिया, नमक फैक्ट्री चौराहा, विजयनगर चौराहा, दादानगर पुल, ज्ञान प्रकाश मार्ग होते हुए बाईपास मार्ग (एनएच-2) तक 11.75 किलोमीटर लंबी सड़क का लोकार्पण करा दिया।
38 करोड़ रुपये से बन रही इस सड़क और इसमें लोअर गंगा केनाल पर पुलिया का निर्माण 2018 से चल रहा है। इसमें नमक फैक्ट्री चौराहे, डबल पुलिया, गल्ला मंडी पर कई जगह गड्ढे हैं। बीती रात ही इस सड़क पर जगह जगह पैचवर्क कराया गया है। दादानगर पुल पर तारकोल मिक्स गिट्टी नहीं बिछाई गई।
इसकी बजाय विभागीय मंत्री को हिचकोलों से बचाने के लिए इसके एक्सपेंशन ज्वाइंटों के आसपास ही तारकोल मिक्स जीरा गिट्टी लगाई गई है। वहां से बाईपास के बीच करीब 100 मीटर से ज्यादा हिस्से में सड़क टूटी है। इसलिए लोकार्पण होते ही कार्यक्रम स्थल पर इस मामले में सवाल उठने लगे।
ठेकेदार को हटाने वजह से विलंब
इस बारे में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राकेश यादव ने बताया कि नौ नंबर क्रासिंग से बाईपास रोड का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था। नौ नंबर क्रासिंग से विजयनगर तक सड़क बनी थी, जबकि शेष 50 प्रतिशत का निर्माण में ठेकेदार को हटाने वजह से विलंब हो गया। मार्च पुलिया निर्माण पूरा हो पाया। इसी बीच जल निगम के पाइप लाइन डालने से भी सड़क खुद गई। सड़क ठीक कराई जा रही है।
बेढंगे स्पीड ब्रेकर से लगे पीडब्ल्यूडी मंत्री को हिचकोले
दादानगर में शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद पैचवर्क की जांच करने पनकी जा रहे पीडब्ल्यूडी मंत्री को बेढंगे स्पीड ब्रेकर में हिचकोले लगे। विजयनगर चौराहे के पास कालपी रोड में स्पीड ब्रेकर में कार उछलते ही कैबिनेट मंत्री ने नाराज हो गए और स्पीड ब्रेकर को मानकों के अनुरूप बनाने के निर्देश दिए।
सात टेबिलटॉप स्पीडब्रेकर हैं, कई क्षतिग्रस्त
उन्होंने पनकी में भाटिया तिराहे के पास काफिला रुकवाकर पैचवर्क का जायजा लिया। पनकी पुल का भी निरीक्षण करना था, पर विलंब होने का हवाला देकर वे लौट गए। विजयनगर चौराहे से अर्मापुर नहर तक सात टेबिलटॉप स्पीडब्रेकर हैं, इनमें से कई क्षतिग्रस्त होने से गा़ड़ी निकलते समय हिचकोले लगते हैं।