फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   news related to kanpur leather industry

उद्यमियों का छलका दर्द, सरकार से लगाई गुहार- कानपुर का चमड़ा उद्योग बचा लीजिए

Tue, 12 Feb 2019 12:47 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 12 Feb 2019 12:47 PM IST
विज्ञापन
news related to kanpur leather industry
प्रतीकात्मक तस्वीर
कानपुर के चमड़ा कारोबारियों और निर्यातकों ने सोमवार को लखनऊ में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव डॉ. अनूप वाधवान को अपना दर्द बयां किया। बोले, कानपुर का चमड़ा उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है।
विज्ञापन


विदेशी कंपनियों के आर्डर हाथ से छूटते जा रहे हैं। लगातार पांच साल से चमड़ा उद्योग निगेटिव ग्रोथ से उबर नहीं पा रहा है। अब हालात और ज्यादा खराब हो रहे हैं। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में शहर का चमड़ा उद्योग बहुत पीछे होता जा रहा है। 
विज्ञापन


फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन की ओर से केंद्र सरकार के वरिष्ठ अफसरों और निर्यातकों के बीच संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें अलग-अलग उद्योगों से संबंधित निर्यातकों ने अपनी समस्याएं रखीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

news related to kanpur leather industry
प्रतीकात्मक तस्वीर
कानपुर से सबसे ज्यादा निर्यात करने वाले चमड़ा उद्योग का प्रतिनिधित्व चर्म निर्यात परिषद के पूर्व अध्यक्ष मुख्तारुल अमीन ने किया। उन्होंने कानपुर में चमड़ा उद्योग की बंदी का मसला उठाया। कहाकि, कानपुर का होने की वजह से उन्हें इस शहर से दिली लगाव है।

उद्योग चलाने लायक संसाधन न मिले तो धीरे धीरे यहां के उद्यमी अपने कारोबार को सुविधा अनुसार कहीं न कहीं शिफ्ट कर लेंगे। इसकी शुरुआत हो भी चुकी है। उन्होंने चमड़ा उद्योग को सहूलियत देने के लिए मानकों में बदलाव की मांग रखी। इस पर वाणिज्य सचिव ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि उद्यमियों का अहित नहीं होने दिया जाएगा।

कानपुर के चमड़ा उद्योग की समस्या पर केंद्र सरकार की भी नजर है। हालांकि प्रदूषण के मानकों पर कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन संसाधन उपलब्ध करवाने में पीछे नहीं हटेंगे। मुलाकात करने वालों में चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद इकबाल, क्षेत्रीय निदेशक पल्लवी दुबे, असद के ईराकी, ओपी पांडेय आदि मौजूद रहे।
 

news related to kanpur leather industry
प्रतीकात्मक तस्वीर
राष्ट्रीय स्तर पर हों ये बदलाव 
- फुटवियर इंडस्ट्री को ग्रीन कैटेगरी के बजाय व्हाइट कैटेगरी में डाला जाए। चमड़ा उद्यमी नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वजह से पानी का उत्प्रवाह कम से कम होता है। इससे लिए चर्म निर्यात परिषद ने प्रदेश के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समक्ष एक रिपोर्ट भी पेश की है। 

- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नौ जनवरी 2019 को जारी सूची में 156 तरह के उद्योगों उत्पादों को व्हाइट कैटेगरी में शामिल किया है। इसमें बिना पानी के इस्तेमाल से बनने वाले स्पोर्ट्स आइटम को ही शामिल किया गया है। जबकि इस कैटेगरी में कई तरह के जूते, चप्पल और सैंडिल भी आते हैं। इन्हें भी व्हाइट कैटेगरी में शामिल किया जाए। 

news related to kanpur leather industry
प्रतीकात्मक तस्वीर
कानपुर के लिए मांगे ये संसाधन 
- जाजमऊ में 20 एमएलडी के सीईटीपी के लिए ओडीओपी के तहत वित्तीय सहायता दी जाए, ताकि उद्योग दूषित उत्प्रवाह की समस्या से निपट सकें। 
- जाजमऊ में एक ऐसा गोदाम स्थापित कराया जाए जिसमें उत्पादन के लिए आवश्यक आयातित वस्तुओं का भंडारण कराया जा सके। 
- अबाधित बिजली आपूर्ति के लिए सोलर सब्सिडी चमड़ा उद्यमियों को भी उपलब्ध कराई जाए। 
- कानपुर में चमड़ा उद्यमियों के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर और टेनरी संचालकों के लिए मान्यता प्राप्त टेस्टिंग लैब की स्थापना हो। इसी तरह कानपुर और उन्नाव के चमड़ा उद्यमियों के लिए डिजाइनिंग स्टूडियो की स्थापना कराई जाए। 
- वॉटरलेस क्रोम टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान को आर्थिक सहायता दी जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed