{"_id":"5c1d1025bdec2256ae0cb549","slug":"muslim-youth-firoz-became-example-of-humanity-by-doing-woman-funeral","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंसानियत की मिसाल...फिरोज, अंतिम संस्कार से लेकर शांति पाठ तक बेटे की तरह निभाया हर काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंसानियत की मिसाल...फिरोज, अंतिम संस्कार से लेकर शांति पाठ तक बेटे की तरह निभाया हर काम
Fri, 21 Dec 2018 09:39 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 21 Dec 2018 09:39 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के औरैया जिले में दिबियापुर के कमला रिसोर्ट में काम करने वाले फिरोज ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है। हुआ यह कि फिरोज ने भीख मांगकर गुजारा करने वाली एक वृद्धा का आगे बढ़कर अंतिम संस्कार कराया। यही नहीं तेरहवें दिन शांति पाठ भी कराया।
कमला रिसोर्ट के पास एक टूटी चारपाई और गुदड़ी में एक बुजुर्ग महिला रमा देवी रह रही थी। वह भीख मांगकर गुजारा करतीं थीं। उसका कुछ दिन पहले निधन हो गया। यह बात लोगों को पता चली तो सब इकट्ठा हो गए। पर अंतिम संस्कार कौन करेगा, यह सवाल खड़ा हो गया। तभी फिरोज आगे आए और बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार कराया, साथ ही 13 दिन बाद शांति पाठ भी कराया। फिरोज ने बताया कि बुजुर्ग महिला के दो बेटे थे। एक बेटे का निधन हो गया, जबकि दूसरे बेटा नशे का आदी हो गया। इसके बाद लाचार मां ने भीख मांगना शुरू कर दिया और कमला रिसोर्ट के पास रहने लगी थी।
विज्ञापन
कमला रिसोर्ट के पास एक टूटी चारपाई और गुदड़ी में एक बुजुर्ग महिला रमा देवी रह रही थी। वह भीख मांगकर गुजारा करतीं थीं। उसका कुछ दिन पहले निधन हो गया। यह बात लोगों को पता चली तो सब इकट्ठा हो गए। पर अंतिम संस्कार कौन करेगा, यह सवाल खड़ा हो गया। तभी फिरोज आगे आए और बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार कराया, साथ ही 13 दिन बाद शांति पाठ भी कराया। फिरोज ने बताया कि बुजुर्ग महिला के दो बेटे थे। एक बेटे का निधन हो गया, जबकि दूसरे बेटा नशे का आदी हो गया। इसके बाद लाचार मां ने भीख मांगना शुरू कर दिया और कमला रिसोर्ट के पास रहने लगी थी।
विज्ञापन