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कानपुर में हत्या कर लूटपाट: दरवाजा खटखटाया... बोले- ड्राइवर हूं, घुसते ही हमला, दीवारों में दब गईं चीखें
Wed, 16 Feb 2022 12:51 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 16 Feb 2022 12:51 PM IST
सार
सावित्री ने बताया कि उसको बाथरूम में बंद करने के बाद बदमाशों ने मधु को पीटना शुरू कर दिया था। लॉकर व अलमारियों की चाबियां लीं। नकदी व जेवरात लूटे। सावित्री का कहना है कि मधु की चीखें सुनाई दे रही थीं। वो मिन्नतें कर रही थीं कि उसको छोड़ दें।
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कानपुर में हत्या कर लूटपाट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में वृद्धा की हत्या कर लूट को अंजाम देने वाले बदमाशों ने फ्लैट के बाहर पहुंचकर पहले घंटी बजाई। पूछने पर बोले कि ड्राइवर हूं। इसके बाद जैसे ही नौकरानी ने दरवाजा खोला वैसे ही दोनों भीतर घुस गए। चाकू के बल पर दोनों को एक कमरे में ले गए।
उसके बाद बर्बरता कर मधु की हत्या कर दी। मधु और नौकरानी दोनों चीखते रहे लेकिन उनकी चीख दीवारों के भीतर ही दबी रह गई। नौकरानी सावित्री ने पुलिस को बताया कि रात करीब आठ बजे घंटी बजी। सावित्री ने जब पूछा कि कौन आया तो बाहर से आवाज आई कि ड्राइवर हूं।
बुलाया था। इसलिए आया हूं। ये बात सावित्री ने मधु को बताई। मधु ने दरवाजा खोलने को कहा। सावित्री ने बताया कि जब उन्होंने दरवाजा खोला वैसे ही दोनों बदमाश भीतर घुस आए। एक ने तत्काल मधु को चाकू की नोंक पर ले लिया। दूसरे ने सावित्री के हाथ पैर तार से बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया। सावित्री का कहना है कि उसके बाद उनको नहीं पता चला कि बाहर क्या हुआ। सुबह जब नीरू व पुलिस पहुंची तब वह बाहर निकल सकी।
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उसके बाद बर्बरता कर मधु की हत्या कर दी। मधु और नौकरानी दोनों चीखते रहे लेकिन उनकी चीख दीवारों के भीतर ही दबी रह गई। नौकरानी सावित्री ने पुलिस को बताया कि रात करीब आठ बजे घंटी बजी। सावित्री ने जब पूछा कि कौन आया तो बाहर से आवाज आई कि ड्राइवर हूं।
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बुलाया था। इसलिए आया हूं। ये बात सावित्री ने मधु को बताई। मधु ने दरवाजा खोलने को कहा। सावित्री ने बताया कि जब उन्होंने दरवाजा खोला वैसे ही दोनों बदमाश भीतर घुस आए। एक ने तत्काल मधु को चाकू की नोंक पर ले लिया। दूसरे ने सावित्री के हाथ पैर तार से बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया। सावित्री का कहना है कि उसके बाद उनको नहीं पता चला कि बाहर क्या हुआ। सुबह जब नीरू व पुलिस पहुंची तब वह बाहर निकल सकी।
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मुझे बस चीखें सुनाई दे रही थीं
सावित्री ने बताया कि उसको बाथरूम में बंद करने के बाद बदमाशों ने मधु को पीटना शुरू कर दिया था। लॉकर व अलमारियों की चाबियां लीं। नकदी व जेवरात लूटे। सावित्री का कहना है कि मधु की चीखें सुनाई दे रही थीं। वो मिन्नतें कर रही थीं कि उसको छोड़ दें।
जो लेना हो ले जाएं लेकिन बदमाश नहीं माने। जब आखिर में मधु की चीखें बंद हो गईं तब सावित्री को अनहोनी की आशंका हुई। हैरानी की बात ये है कि ये चीखें फ्लैट के बाहर तक नहीं सुनाईं दीं। इसलिए बदमाश आसानी से फरार हो गए।
सावित्री ने बताया कि उसको बाथरूम में बंद करने के बाद बदमाशों ने मधु को पीटना शुरू कर दिया था। लॉकर व अलमारियों की चाबियां लीं। नकदी व जेवरात लूटे। सावित्री का कहना है कि मधु की चीखें सुनाई दे रही थीं। वो मिन्नतें कर रही थीं कि उसको छोड़ दें।
जो लेना हो ले जाएं लेकिन बदमाश नहीं माने। जब आखिर में मधु की चीखें बंद हो गईं तब सावित्री को अनहोनी की आशंका हुई। हैरानी की बात ये है कि ये चीखें फ्लैट के बाहर तक नहीं सुनाईं दीं। इसलिए बदमाश आसानी से फरार हो गए।
क्या बदमाशों को पहचानती थीं मधु
वारदात के वक्त मधु व सावित्री ही फ्लैट में थीं। बदमाशों ने मधु को मार दिया लेकिन सावित्री को छोड़ दिया। इसको लेकर पुलिस कई आशंकाओं पर काम कर रही है। आशंका है कि शायद मधु बदमाशों में से किसी को पहचानती थीं। इसी डर से उसको मार दिया।
ऊपर के फ्लैट में थी बेटी
मधु का फ्लैट नंबर 307 है। उनकी बेटी नीरू का फ्लैट ठीक ऊपर 407 नंबर है। मधु के फ्लैट के ठीक ऊपर नीरू का फ्लैट है। जिस वक्त बदमाश मधु पर बर्बरता कर रहे थे उस वक्त नीरू व उनका परिवार सो रहा था।
वारदात के वक्त मधु व सावित्री ही फ्लैट में थीं। बदमाशों ने मधु को मार दिया लेकिन सावित्री को छोड़ दिया। इसको लेकर पुलिस कई आशंकाओं पर काम कर रही है। आशंका है कि शायद मधु बदमाशों में से किसी को पहचानती थीं। इसी डर से उसको मार दिया।
ऊपर के फ्लैट में थी बेटी
मधु का फ्लैट नंबर 307 है। उनकी बेटी नीरू का फ्लैट ठीक ऊपर 407 नंबर है। मधु के फ्लैट के ठीक ऊपर नीरू का फ्लैट है। जिस वक्त बदमाश मधु पर बर्बरता कर रहे थे उस वक्त नीरू व उनका परिवार सो रहा था।