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मोदी का मुस्लिम कार्ड, उर्दू में पत्रक पहली बार
अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 31 May 2015 03:10 AM IST
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मोदी सरकार की एक साल की उपलब्धियां बताने के लिए भाजपा ने पहली बार उर्दू में भी पत्रक प्रकाशित किया है। अभी तक यह सिर्फ हिंदी और इंग्लिश में ही प्रकाशित किया जाता रहा है। तय किया गया है कि इस पत्रक को पार्टी पदाधिकारी अल्पसंख्यकों के बीच जाकर वितरित भी करेंगे।
उत्तर भारत के उन राज्यों में उर्दू वाले पत्रक पर विशेष जोर दिया गया है, जहां पर आगामी वर्षों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की आबादी भी अच्छी खासी है। पत्रक में केंद्र सरकार ने एक साल के अंतराल में क्या क्या किया है, कितनी नई योजनाएं शुरू की हैं, और कितनी पुरानी योजनाओं में फेरबदल कर उसे और बेहतर बनाने की कोेशिश की है, इन सबको विस्तार से बताया गया है। पार्टी की क्षेत्रीय और महानगर इकाई इस पत्रक को लेकर घर-घर जाएगी। अल्पसंख्यक क्षेत्रों में इस पत्रक को वितरित करने के लिए भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की टीम को जिम्मेदारी दी गई है।
हां, इस तरह का पत्रक इस बार प्रकाशित किया गया है। इसे मुस्लिम क्षेत्रों में घर-घर वितरित कराने की योजना बनाई जा रही है। महासंपर्क अभियान में शामिल कार्यकर्ताओं की टीम को यह पत्रक दिया जा रहा है। यह पत्रक हिंदी, उर्दू और इंग्लिश तीनों भाषाओं मे प्रकाशित किया गया है।
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-सुरेंद्र मैथानी, अध्यक्ष भाजपा महानगर
-मोदी सरकार उर्दू में पत्रक छापकर शायद यह दिखाना चाहती है, कि वह भी मुसलमानों की हितैषी है। लेकिन एक साल में अभी तक तो इस सरकार के काम से ऐसा कुछ नहीं लगा कि उसने अल्पसंख्यकों के लिए भी कुछ किया है। उर्दू में पत्रक छापने के पीछे क्या मंशा है, यह वही जानें।
-एम आलम रजा, शहर काजी
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उत्तर भारत के उन राज्यों में उर्दू वाले पत्रक पर विशेष जोर दिया गया है, जहां पर आगामी वर्षों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में मुस्लिम अल्पसंख्यकों की आबादी भी अच्छी खासी है। पत्रक में केंद्र सरकार ने एक साल के अंतराल में क्या क्या किया है, कितनी नई योजनाएं शुरू की हैं, और कितनी पुरानी योजनाओं में फेरबदल कर उसे और बेहतर बनाने की कोेशिश की है, इन सबको विस्तार से बताया गया है। पार्टी की क्षेत्रीय और महानगर इकाई इस पत्रक को लेकर घर-घर जाएगी। अल्पसंख्यक क्षेत्रों में इस पत्रक को वितरित करने के लिए भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की टीम को जिम्मेदारी दी गई है।
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हां, इस तरह का पत्रक इस बार प्रकाशित किया गया है। इसे मुस्लिम क्षेत्रों में घर-घर वितरित कराने की योजना बनाई जा रही है। महासंपर्क अभियान में शामिल कार्यकर्ताओं की टीम को यह पत्रक दिया जा रहा है। यह पत्रक हिंदी, उर्दू और इंग्लिश तीनों भाषाओं मे प्रकाशित किया गया है।
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-सुरेंद्र मैथानी, अध्यक्ष भाजपा महानगर
-मोदी सरकार उर्दू में पत्रक छापकर शायद यह दिखाना चाहती है, कि वह भी मुसलमानों की हितैषी है। लेकिन एक साल में अभी तक तो इस सरकार के काम से ऐसा कुछ नहीं लगा कि उसने अल्पसंख्यकों के लिए भी कुछ किया है। उर्दू में पत्रक छापने के पीछे क्या मंशा है, यह वही जानें।
-एम आलम रजा, शहर काजी