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शादी अनुदान घोटाला: आरोपी 10 लेखपाल अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे, एक एसडीएम समेत 19 पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
Tue, 12 Oct 2021 02:56 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 12 Oct 2021 02:56 AM IST
सार
कोतवाली इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशासन की तरफ से अभी तक विभागीय जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इस वजह से अपात्रों की सूची भी नहीं मिली है। इस वजह से पुलिस को विवेचना में परेशानी हो रही है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शादी अनुदान योजना में घोटाले के आरोपी 10 लेखपाल अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस का दावा है कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जल्द पुलिस के अफसर इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखेंगे।
सहयोग न करने की वजह से किसी भी आरोपी के बयान दर्ज नहीं किया जा सके हैं। जांच में सामने आया था कि 500 से अधिक अपात्र लोगों को अनुदान दिया गया। जांच में 19 लेखपालों के अलावा तत्कालीन एक एसडीएम को दोषी ठहराया गया था।
इन सभी के खिलाफ तीन महीने पहले कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस विवेचना आगे बढ़ाती उसके पहले ही अब तक 10 लेखपाल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दे चुके हैं। वहीं पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जमानत खारिज करने की मांग कर रही है।
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जांच रिपोर्ट न मिलने से भी विवेचना में दिक्कत
कोतवाली इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशासन की तरफ से अभी तक विभागीय जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इस वजह से अपात्रों की सूची भी नहीं मिली है। इस वजह से पुलिस को विवेचना में परेशानी हो रही है। जांच रिपोर्ट मिल जाए तो पुलिस उच्चाधिकारियों का आदेश लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू करेगी। बगैर बयान गिरफ्तारी इसलिए की जा सकती है, क्योंकि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
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सहयोग न करने की वजह से किसी भी आरोपी के बयान दर्ज नहीं किया जा सके हैं। जांच में सामने आया था कि 500 से अधिक अपात्र लोगों को अनुदान दिया गया। जांच में 19 लेखपालों के अलावा तत्कालीन एक एसडीएम को दोषी ठहराया गया था।
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इन सभी के खिलाफ तीन महीने पहले कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस विवेचना आगे बढ़ाती उसके पहले ही अब तक 10 लेखपाल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दे चुके हैं। वहीं पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जमानत खारिज करने की मांग कर रही है।
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जांच रिपोर्ट न मिलने से भी विवेचना में दिक्कत
कोतवाली इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशासन की तरफ से अभी तक विभागीय जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इस वजह से अपात्रों की सूची भी नहीं मिली है। इस वजह से पुलिस को विवेचना में परेशानी हो रही है। जांच रिपोर्ट मिल जाए तो पुलिस उच्चाधिकारियों का आदेश लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू करेगी। बगैर बयान गिरफ्तारी इसलिए की जा सकती है, क्योंकि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।