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चित्रकूट में मंदाकिनी का विकराल रूप: खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी, मंदिरों में फंसे लोगों का रेस्क्यू जारी

Sat, 29 Aug 2026 01:12 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 29 Aug 2026 01:12 PM IST
सार

Chitrakoot News: मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान 126 मीटर से नौ मीटर ऊपर यानी 135 मीटर से अधिक पहुंच गया है, जो वर्ष 2003 और पिछले साल की बाढ़ से भी ज्यादा है। रामघाट क्षेत्र में पानी बढ़ने से मतगजेंद्रनाथ मंदिर और आसपास के घरों में लोग फंस गए हैं, जिन्हें तेज बहाव के बीच नावों की मदद से सुरक्षित निकाला जा रहा है।

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Mandakini raging form in Chitrakoot River above danger mark rescue operations for people stranded in temples
चित्रकूट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही मंदाकिनी नदी - फोटो : amar ujala

विस्तार

चित्रकूट जिले में रामघाट पर मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान 126 को पार कर 135 से ऊपर बह रहा है। नदी का वेग अत्यधिक तेज है। बीच धारा में स्थित मतगजेंद्रनाथ मंदिर और आस-पास के मंदिरों व मकानों में फंसे लोगों को नाव के माध्यम से सुरक्षित निकाला जा रहा है। हालांकि, तेज बहाव के कारण नाव भेजने में काफी कठिनाई हो रही है।

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स्थानीय लोगों को बार-बार अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद कई लोग घरों में ही रुके रहे, जिससे यह स्थिति बनी है। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि अलर्ट मिलते ही तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। चित्रकूट में फिलहाल बारिश रुकी हुई है, लेकिन मध्य प्रदेश क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी के जलस्तर में अभी कमी की संभावना नहीं है।

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भोजन व लंच पैकेट की व्यवस्था कराई
सभी घाटों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। जलस्तर बढ़ते ही जनपद के बांध और नदी किनारे बसे सभी गांवों, विशेषकर मारकुंडी से मानिकपुर और थाना कर्वी क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुबह से ही ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मौके पर सीडीओ, एडीएम, एसडीएम की टीम मौजूद है। विस्थापितों के लिए भोजन व लंच पैकेट की व्यवस्था कराई जा रही है।

गोताखोरों और मोटर बोट की सहायता से रेस्क्यू
प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई जनहानि न हो। कुछ लोगों द्वारा नदी में कूदकर दुस्साहस किया जा रहा है, जिन्हें गोताखोरों और मोटर बोट की सहायता से रेस्क्यू किया जा रहा है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अपनी शक्ति को अधिक न आंकें और प्रशासन का सहयोग करें। वर्तमान बाढ़ का जलस्तर वर्ष 2003 और गत वर्ष की बाढ़ से भी अधिक है। प्रशासन स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है और जलस्तर के जल्द स्थिर होकर घटने की संभावना जताई जा रही है।

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