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महोबा कांड: मृतक कारोबारी की पत्नी परिवार के साथ सीएम से मिलीं, बच्चों की परवरिश के लिए की नौकरी की मांग
Sun, 04 Oct 2020 11:57 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 04 Oct 2020 11:57 PM IST
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महोबा कांड
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के उत्पीड़न से हुई क्रशर कारोबारी की मौत के बाद मृतक की पत्नी ने अपने बच्चों और परिवार के साथ शनिवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बच्चों के पालन-पोषण के लिए नौकरी और आर्थिक मदद की गुहार लगाई।
साथ ही कई मामलों से मुख्यमंत्री को रूबरू कराया। मुख्यमंत्री ने मांगों पर गंभीरता से विचार किए जाने का आश्वासन दिया। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को आठ सितंबर को गोली लग गई थी। 13 सितंबर को उनकी रिजेंसी कानपुर में मौत हो गई थी।
मृतक के भाई रविकांत ने मुख्यमंत्री को बताया कि रिजेंसी जाते समय एक अंकित नाम का सिपाही बार-बार गर्दन ऊपर नीचे करता रहा। इस सिपाही का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया और न ही एसआईटी ने उससे पूछताछ की।
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बताया कि एक साल से कबरई मंडी फेल होने के कारण कारोबार घाटे पर चलने के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। ऐसी स्थिति में मृतका की पत्नी को नौकरी दिलाई जाए। पत्नी रंजना ने बताया कि अब बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
सरकार आर्थिक मदद करे। तभी बच्चों का भविष्य बन सकता है। पूर्व एसपी और पूर्व थानाध्यक्ष कबरई निलंबित हो चुके हैं। विवेचना में अरुण यादव का नाम बढ़ाया जा चुका है। सभी की गिरफ्तारी किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सूरत में दोषी बक्शे नहीं जाएंगे। चाहे वह कितने ही ताकतवर क्यों न हो।
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साथ ही कई मामलों से मुख्यमंत्री को रूबरू कराया। मुख्यमंत्री ने मांगों पर गंभीरता से विचार किए जाने का आश्वासन दिया। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को आठ सितंबर को गोली लग गई थी। 13 सितंबर को उनकी रिजेंसी कानपुर में मौत हो गई थी।
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मृतक के भाई रविकांत ने मुख्यमंत्री को बताया कि रिजेंसी जाते समय एक अंकित नाम का सिपाही बार-बार गर्दन ऊपर नीचे करता रहा। इस सिपाही का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया और न ही एसआईटी ने उससे पूछताछ की।
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बताया कि एक साल से कबरई मंडी फेल होने के कारण कारोबार घाटे पर चलने के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। ऐसी स्थिति में मृतका की पत्नी को नौकरी दिलाई जाए। पत्नी रंजना ने बताया कि अब बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
सरकार आर्थिक मदद करे। तभी बच्चों का भविष्य बन सकता है। पूर्व एसपी और पूर्व थानाध्यक्ष कबरई निलंबित हो चुके हैं। विवेचना में अरुण यादव का नाम बढ़ाया जा चुका है। सभी की गिरफ्तारी किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सूरत में दोषी बक्शे नहीं जाएंगे। चाहे वह कितने ही ताकतवर क्यों न हो।