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Bjp First List: उन्नाव से भाजपा ने सांसद साक्षी महाराज पर फिर जताया भरोसा, मिला टिकट
Mon, 04 Mar 2024 02:38 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 04 Mar 2024 02:38 PM IST
सार
BJP Candidates List : भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। पार्टी ने उन्नाव से मौजूदा सांसद साक्षी महाराज को फिर से टिकट दिया है।
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साक्षी महाराज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी ने जिले के सांसद डॉ. हरि साक्षी महाराज पर फिर भरोसा जताते हुए तीसरे चुनाव में भी लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। नाम की घोषणा होते ही समर्थकों ने पार्टी के फैसले का स्वागत किया और साक्षी महाराज को फूल माला जिताने का संकल्प लिया। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में हिंदुत्व छवि वाले डॉ. हरि साक्षी महाराज को लोकसभा चुनाव में उतारा था। मोदी लहर में साक्षी महाराज ने जीत का परचम लहराया था।
2019 के आम चुनाव में भाजपा ने फिर से साक्षी महाराज पर ही भरोसा जताया था। साक्षी ने भी पार्टी पदाधिकारियों को निराश नहीं किया था और 2014 के मुकाबले ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी। इस बार लंबे समय से टिकट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म चल रहा था। शनिवार को भाजपा ने सारी चर्चाओं पर विराम लगाते हुए फिर से साक्षी महाराज पर भरोसा जताते हुए प्रत्याशी बनाया। साक्षी महाराज एटा शिकोहाबाद के मूल निवासी हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश कटियार ने साक्षी महाराज को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए टिकट मिलने की पुष्टि की है।
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2019 के आम चुनाव में भाजपा ने फिर से साक्षी महाराज पर ही भरोसा जताया था। साक्षी ने भी पार्टी पदाधिकारियों को निराश नहीं किया था और 2014 के मुकाबले ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी। इस बार लंबे समय से टिकट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म चल रहा था। शनिवार को भाजपा ने सारी चर्चाओं पर विराम लगाते हुए फिर से साक्षी महाराज पर भरोसा जताते हुए प्रत्याशी बनाया। साक्षी महाराज एटा शिकोहाबाद के मूल निवासी हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश कटियार ने साक्षी महाराज को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए टिकट मिलने की पुष्टि की है।
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2014 के चुनाव में 3.10 लाख के अंतर से जीते थे
साक्षी महाराज ने 2014 के चुनाव में भी अरुण शंकर शुक्ला को 310173 मत से हराया था। अरुण शंकर शुक्ला ने 2014 का चुनाव उन्नाव जिले से सपा के टिकट पर लड़ा था। इस चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। तीन लाख वोट के अंतर से चुनाव जीतकर साक्षी महाराज प्रदेश में आठवें नंबर पर रहे थे। उनसे जनरल वीके सिंह, डा. भोला सिंह, संजीव बालियान, मुलायम सिंह यादव, सोनिया गांधी, हेमा मालिनी व योगी आदित्यनाथ ही जीत के अंतर में आगे रहे थे।
2019 में साक्षी को मिली थी प्रदेश में चौथी बड़ी जीत
2019 के चुनाव में साक्षी महाराज ने 400956 लाख वोटों से प्रदेश में चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले जरनल वीके सिंह, राजकुमार चाहर और नरेंद्र मोदी जैसे दिग्गज नेताओं के बीच साक्षी महाराज ने खुद को शामिल किया था। साक्षी महाराज को कुल 703507 मत मिले थे। जबकि गठबंधन प्रत्याशी अरुण शंकर शुक्ला 302551 मत हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे थे। साक्षी महाराज ने अरुण शंकर शुक्ला को 400956 मत के अंतर से हराया था।
साक्षी महाराज ने 2014 के चुनाव में भी अरुण शंकर शुक्ला को 310173 मत से हराया था। अरुण शंकर शुक्ला ने 2014 का चुनाव उन्नाव जिले से सपा के टिकट पर लड़ा था। इस चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। तीन लाख वोट के अंतर से चुनाव जीतकर साक्षी महाराज प्रदेश में आठवें नंबर पर रहे थे। उनसे जनरल वीके सिंह, डा. भोला सिंह, संजीव बालियान, मुलायम सिंह यादव, सोनिया गांधी, हेमा मालिनी व योगी आदित्यनाथ ही जीत के अंतर में आगे रहे थे।
2019 में साक्षी को मिली थी प्रदेश में चौथी बड़ी जीत
2019 के चुनाव में साक्षी महाराज ने 400956 लाख वोटों से प्रदेश में चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। बड़े अंतर से जीत दर्ज करने वाले जरनल वीके सिंह, राजकुमार चाहर और नरेंद्र मोदी जैसे दिग्गज नेताओं के बीच साक्षी महाराज ने खुद को शामिल किया था। साक्षी महाराज को कुल 703507 मत मिले थे। जबकि गठबंधन प्रत्याशी अरुण शंकर शुक्ला 302551 मत हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे थे। साक्षी महाराज ने अरुण शंकर शुक्ला को 400956 मत के अंतर से हराया था।
2014 के चुनाव नतीजों पर एक नजर
भाजपा-साक्षी महाराज, मत-518834
सपा- अरुण शंकर शुक्ल, मत-208661
बसपा- ब्रजेश पाठक, मत-200176
कांग्रेस- अन्नू टंडन, मत-197098
2019 के चुनाव नतीजों पर एक नजर
भाजपा-साक्षी महाराज-जीते-वोट मिले-703507
सपा-अरुण शंकर शुक्ला-हारे-वोट मिले-302551
कांग्रेस-अन्नू टंडन-हारी-वोट मिले-185634
प्रसपा-सतीश शुक्ला-हारे-वोट मिले-6711
भाजपा-साक्षी महाराज, मत-518834
सपा- अरुण शंकर शुक्ल, मत-208661
बसपा- ब्रजेश पाठक, मत-200176
कांग्रेस- अन्नू टंडन, मत-197098
2019 के चुनाव नतीजों पर एक नजर
भाजपा-साक्षी महाराज-जीते-वोट मिले-703507
सपा-अरुण शंकर शुक्ला-हारे-वोट मिले-302551
कांग्रेस-अन्नू टंडन-हारी-वोट मिले-185634
प्रसपा-सतीश शुक्ला-हारे-वोट मिले-6711
2019 में सांसद की चिट्ठी ने मचाया था तहलका
वर्ष 2019 के चुनाव में पार्टी में टिकट को लेकर खींचतान के बीच साक्षी महाराज को अपना टिकट फंसने का अंदेशा हुआ तो उन्होंने 7 मार्च 2019 को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को एक चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में उन्होंने खुद के चुनाव जीतने से पहले और बाद में पार्टी की स्थिति का ब्योरा दिया था। दिया था। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में जिले की पांच सीटों पर भगवा फरहाने, कराए गए विकास कार्यों और जनता के बीच लोकप्रियता और मतदाताओं के जातीय आंकड़े देकर चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में बताया था। उन्होंने यह बताने की कोशिश की थी कि जिले में ओबीसी जनप्रतिनिधि उनके अलावा कोई नहीं है। अगर उनके अलावा कोई और निर्णय लिया जाता है तो पिछड़ा वर्ग की भावनाएं आहत होंगी। सांसद की यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो चर्चा का विषय बन गई थी। बाद में भाजपा ने उन्नाव लोकसभा सीट पर कोई जोखिम न लेते हुए उन्हें टिकट दिया था। हालांकि टिकट मिलने के बाद सांसद ने अपनी चिट्ठी पर सफाई दी थी कि, पार्टी ने जीत का आधार मांगा था। जिसे उन्होंने विस्तार से लिखकर दिया था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा पार्टी में खींचतान व किरकिरी से बचने और चुनाव में जीत तय मानते हुए बिना देर किए इस बार साक्षी महाराज को पहली ही लिस्ट में प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
वर्ष 2019 के चुनाव में पार्टी में टिकट को लेकर खींचतान के बीच साक्षी महाराज को अपना टिकट फंसने का अंदेशा हुआ तो उन्होंने 7 मार्च 2019 को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को एक चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में उन्होंने खुद के चुनाव जीतने से पहले और बाद में पार्टी की स्थिति का ब्योरा दिया था। दिया था। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में जिले की पांच सीटों पर भगवा फरहाने, कराए गए विकास कार्यों और जनता के बीच लोकप्रियता और मतदाताओं के जातीय आंकड़े देकर चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में बताया था। उन्होंने यह बताने की कोशिश की थी कि जिले में ओबीसी जनप्रतिनिधि उनके अलावा कोई नहीं है। अगर उनके अलावा कोई और निर्णय लिया जाता है तो पिछड़ा वर्ग की भावनाएं आहत होंगी। सांसद की यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो चर्चा का विषय बन गई थी। बाद में भाजपा ने उन्नाव लोकसभा सीट पर कोई जोखिम न लेते हुए उन्हें टिकट दिया था। हालांकि टिकट मिलने के बाद सांसद ने अपनी चिट्ठी पर सफाई दी थी कि, पार्टी ने जीत का आधार मांगा था। जिसे उन्होंने विस्तार से लिखकर दिया था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा पार्टी में खींचतान व किरकिरी से बचने और चुनाव में जीत तय मानते हुए बिना देर किए इस बार साक्षी महाराज को पहली ही लिस्ट में प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
दो पुराने प्रतिद्वंदी फिर आमने-सामने
उन्नाव जिले के सांसद और पूर्व सांसद एक बार फिर आमने-सामने हो गए हैं। मालूम हो वर्ष 2009 में कांग्रेस के टिकट पर जिले की सांसद निर्वाचित हुईं अन्नू टंडन इसबार सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। सपा ने उन्हें उन्नाव संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किया है। हालांकि अन्नू टंडन ने वर्ष 2014 और 2019 में भी कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसबार वह समाजवादी पार्टी में शामिल होकर चुनाव मैदान में हैं। हालांकि उनके प्रत्याशी घोषित होने के बाद सपा और कांग्रेस में चुनावी गठबंधन भी हो गया है।
उन्नाव जिले के सांसद और पूर्व सांसद एक बार फिर आमने-सामने हो गए हैं। मालूम हो वर्ष 2009 में कांग्रेस के टिकट पर जिले की सांसद निर्वाचित हुईं अन्नू टंडन इसबार सपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। सपा ने उन्हें उन्नाव संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किया है। हालांकि अन्नू टंडन ने वर्ष 2014 और 2019 में भी कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा था। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसबार वह समाजवादी पार्टी में शामिल होकर चुनाव मैदान में हैं। हालांकि उनके प्रत्याशी घोषित होने के बाद सपा और कांग्रेस में चुनावी गठबंधन भी हो गया है।