फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   life imprisonment to three people for killing of a child and ransom

फतेहपुर: फिरौती के लिए बच्चे की हत्या में तीन को उम्रकैद, 79 हजार का अर्थदंड भी लगाया

Tue, 01 Dec 2020 12:11 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 01 Dec 2020 12:11 AM IST
विज्ञापन
life imprisonment to three people for killing of a child and ransom
सांकेतिक तस्वीर
रुपयों की लालच में नौ साल के बच्चे का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर देने के तीन आरोपियों को जनपद न्यायाधीश ओपी त्रिपाठी की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव का है।
विज्ञापन


यहां के तीन युवकों ने पांच लाख रुपयों की लालच में अपने ही गांव के नौ साल के बच्चे का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर शव गांव के ही एक घर में दफना दिया था। इस मामले की लड़ाई मृतक बच्चे के पिता ने कोर्ट में तीन साल तक लड़ी।
विज्ञापन


जिसमें सोमवार को जिला जज की अदालत ने फैसला सुना दिया। बिंदकी कोतवाली के जलालपुर गांव के नवाब शेख मुंबई में कपड़े का व्यापार करते थे और उनका परिवार जलालपुर में रहता था। 20 दिसंबर 2017 की दोपहर तीन बजे नवाब शेख का नौ साल का बेटा रेहान अपने घर के बाहर खेल रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


तभी गांव के ही इसरार, सोहनलाल और अंसार तीनों उसे बहलाकर अपने साथ ले गए थे। रेहान का अपहरण के बाद तीनों ने उसके घरवालों से फोन पर पांच लाख की फिरौती मांगी। फोन पर रेहान के परिजन अपहरणकर्ताओं की आवाज पहचान गए।

इसका शक अपहरणकर्ताओं को हुआ तो उन्होंने 20 दिसंबर की ही शाम को रेहान की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद इसरार ने जलालपुर में ही अपने मामा के लड़के के निर्माणाधीन घर में रेहान का शव दफना दिया था।

रेहान की खोजबीन करते हुए पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां रेहान की चप्पल और फावड़ा बरामद हुआ। जिससे पूरी वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। तबसे प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।

इस प्रकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्त, सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल दुबे और अधिवक्ता सैय्यद नाजिश रजा मुल्जिमों को सजा दिलाने के लिए पैरवी कर रहे थे। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत हुए साक्ष्यों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए तीनों अभियुक्तों इसरार, सोहनलाल और अंसार को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। जिला जज ने तीनों अभियुक्तों पर 79 हजार रुपयों का अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed