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फतेहपुर: तिहरे हत्याकांड में 15 को आजीवन कारावास, हाईप्रोफाइल मामले की छह साल तक सीआईडी ने की थी विवेचना

Mon, 19 Oct 2020 09:23 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 19 Oct 2020 09:23 PM IST
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life imprisonment to 15 people in triple murder case in Fatehpur
सांकेतिक तस्वीर
फतेहपुर जिले में छह अगस्त 1996 को खागा कस्बे के बस स्टाप पर सुबह करीब 10.30 बजे दिनदहाड़े हुई तीन लोगों की हत्या के मामले में सोमवार को फैसला आ गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार की अदालत ने खागा के चर्चित पांडेय परिवार समेत 15 मुल्जिमों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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मामले की इसी माह पांच और फिर 13 अक्तूबर को सुनवाई हुई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्त और वरिष्ठ अधिवक्ता बलिराज उमराव ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। अदालत ने पांडेय परिवार के रवि कुमार उर्फ बड़कू पांडेय को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. निवेदिता सिंह के पति और भाजपा नेता अभय प्रताप उर्फ पप्पू सिंह और उनके बड़े भाई व सहकारिता के नेता उदय प्रताप उर्फ मुन्ना सिंह के पक्ष के सभी पांच लोगों को दोषमुक्त कर दिया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्त और वरिष्ठ अधिवक्ता बलिराज उमराव ने अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए यह सिद्ध किया कि 6 अगस्त 1996 की सुबह जो गोलीकांड हुआ वह सोची समझी साजिश के तहत किया गया।

अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि घटना के दिन पांडेय परिवार से तीन सगे भाई प्रदीप, कमल और नवल पुत्रगण ब्रह्मदेव पांडेय और दो सगे भाई मुकेश व राजेश पांडेय पुत्रगण कृष्णदेव पांडेय समेत रवि कुमार उर्फ बड़कू पांडेय, प्रकाश पांडेय, संतोष त्रिपाठी, संजय मिश्रा, नीरज पांडेय, तारा चंद्र पांडेय, राजेंद्र सिंह, संतोष तिवारी, राम आसरे सिंह, छोटे तिवारी, ज्ञान सिंह और विजय बस स्टाप आए और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।

इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. निवेदिता सिंह के पति और भाजपा नेता अभय प्रताप, उनके बड़े भाई उदय प्रताप के पक्ष के सुनील सिंह निवासी कुंभीपुर, राम निरंजन उर्फ झड़ोले निवासी पुरइन और राकेश निवासी सरसई की गोली लगने से इलाज के दौरान मौत हो गई।

मन्ना सिंह की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इस दौरान मुकदमा मुल्जिमों में नवल पांडेय और रामआसरे सिंह की बीमारी से मौत हो गई। बाकी 15 मुल्जिमों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुना दी। आरोपियों पर अदालत ने 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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