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दुराचार के आरोपी को आजीवन कारावास
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चित्रकूट। अनुसूचित जाति की बालिका के साथ दुराचार करने के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
अभियोजन अधिकारी जगत पाल ने बताया कि वर्ष 2016 में अनुसूचित जाति की एक बालिका के साथ दुराचार किए जाने की मामले की रिपोर्ट परिजनों ने कर्वी कोतवाली में दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी कर्वी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बघौडा गांव के निवासी धीरज उर्फ छोटू तिवारी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायालय में लंबित चल रहे मुकदमों में सघन पैरवी कराकर अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कर्वी कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र त्रिपाठी एवं पैरोकार आरक्षी दिनेश कुमार यादव द्वारा समय से गवाह पेश कराए गए थे। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट के जज सतीश चंद्र द्विवेदी ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी धीरज को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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अभियोजन अधिकारी जगत पाल ने बताया कि वर्ष 2016 में अनुसूचित जाति की एक बालिका के साथ दुराचार किए जाने की मामले की रिपोर्ट परिजनों ने कर्वी कोतवाली में दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी कर्वी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बघौडा गांव के निवासी धीरज उर्फ छोटू तिवारी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायालय में लंबित चल रहे मुकदमों में सघन पैरवी कराकर अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कर्वी कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र त्रिपाठी एवं पैरोकार आरक्षी दिनेश कुमार यादव द्वारा समय से गवाह पेश कराए गए थे। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट के जज सतीश चंद्र द्विवेदी ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी धीरज को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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