लेमन, यामिनी और सीमा इन तीनों खोजी कुत्तों पर यूपी के छह जिलों की जिम्मेदारी है। कोई भी आपराधिक घटना होती है तो इन तीनों की सेवाएं ले जाती हैं। इन कुत्तों के रहन-सहन और ठाठ-बाट देखकर आप हैरान रह जाएंगे।
आलीशान कमरे में रहते हैं। चार लोग इनकी खुशामदी में तैनात हैं। सुबह दूध पीते हैं और शाम को बकरे का मीट खाते हैं। महीने में इन तीनों का खर्चा करीब 27 हजार रुपये है। इनकी देखभाल में लगे चार सिपाहियों की सैलरी करीब डेढ़ लाख रुपये भी जोड़ दी जाए तो यह आंकड़ा 1.77 लाख रुपये पहुंच जाता है।
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विशेष कुत्ता
- फोटो : अमर उजाला
तीन से 11 साल के बीच है उम्र
लेब्राडोर प्रजाति का लेमन सबसे बड़ा है। उसकी उम्र 11 साल है। चार साल की यामिनी जर्मन शेफर्ड और तीन साल की सीमा डाबर मैन प्रजाति की है। तीनों का आशियाना सिविल लाइंस स्थित यूपी-100 (कंट्रोल रूम) परिसर में है। यामिनी और सीमा एक कमरे में रहती हैं और लेमन अलग कमरे में। यामिनी और सीमा के कमरे में दो और लेमन के रूम में एक बड़ा कूलर लगा है। सर्दी के मौसम में तीनों के लिए हीटर की व्यवस्था होती है।
देखभाल में 1.50 लाख का खर्च
तीनों डॉग की देखभाल में कांस्टेबल स्तर के चार पुलिसकर्मी विजय शंकर, सुभाष यादव, फूलचंद्र पाल और अरुणेश कुमार त्रिपाठी की तैनाती है। इन्हीं चारों के इशारों पर लेमन, यामिनी और सीमा चलते, उठते, बैठते और खाते-पीते हैं। किसी नए व्यक्ति को देख तीनों एक्शन में आ जाते हैं। कोड वर्ड दोस्त कहने पर ये शांत होकर बैठ जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरनाक लेमन को माना जाता है। चारों कर्मचारियों का वेतन प्रतिमाह करीब 1.50 लाख रुपये है।
रोज की 300 रुपये की डाइट है एक डॉग की
प्रत्येक डॉग को सुबह आधा लीटर दूध और ढाई सौ ग्राम आटे की रोटी दी जाती है। शाम को आधा किलोग्राम बकरे का मीट और ढाई सौ ग्राम आटे की रोटी और सब्जी दी जाती है। प्रति कुत्ते की डाइट के लिए 300 रुपये प्रतिदिन खर्च होता है, जिसका बजट पुलिस विभाग जारी करता है। यानी लेमन, यामिनी और सीमा के खाने में 27 हजार रुपये प्रति माह खर्च होता है।