12 फरवरी को चित्रकूट जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से अपहृत तेल उद्यमी के जुड़वा बेटों के शव रविवार को यूपी के बांदा जिले में मिले थे। घटना से आक्रोशित लोगों ने जिले में जमकर बवाल किया था।
इस घटना के बाद चित्रकूट के जानकी कुंड के पास हुए धरना प्रदर्शन व तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने लगभग डेढ़ हजार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ रिपोर्ट नयागांव मध्य प्रदेश थाने में दर्ज हुई है।
रविवार को बांदा की यमुना नदी से दोनों बच्चों के शव मिलने के बाद से चित्रकूट में जमकर बवाल हुआ था। आक्रोशित लोगों पर काबू पाने के लिए जिले के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी।
यहां लोगों को तोड़फोड़, पुतला दहन करता देख पुलिस लाठी चार्ज करने पर मजबूर हो गयी थी। यहां तक कि मामला शांत कराने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे। इसके बाद जिले में धारा 144 लागू कर दी गयी थी।
जानकारी के अनुसार हत्या करने के बाद अपराधियों ने शव को अवगासी घाट पर फेंक दिए थे। बांदा जिले में दोनों बच्चों के शव का पोस्टमार्टम हुआ था। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने जानकीकुंड ट्रस्ट के मॉल में भी तोड़फोड़ की थी।
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एमपी के चित्रकूट से अपहृत जुड़वा बच्चों को यूपी में मृत पाए जाने पर रविवार को ट्वीट कर कहा था कि मैं दोनों बच्चों को श्रद्धांजलि देता हूं। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। हमें उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन इसे गंभीरता से लेगी और बच्चों को बचाएगी। इस घटना ने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया है।