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Kanpur Violence: खुलेंगे राज, हयात समेत चारों आरोपियों की रिमांड मंजूर, तीन दिन तक पुलिस करेगी पूछताछ
Fri, 10 Jun 2022 06:38 PM IST
हिमांशु अवस्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Fri, 10 Jun 2022 06:38 PM IST
सार
कानपुर में हुई हिंसा की साजिश, फंडिंग सहित कई बातों से जल्द ही पर्दा उठ जाएगा। दरअसल, हिंसा के मुख्य आरोपी जफर हयात समेत चार आरोपियों की पुलिस को 72 घंटे की रिमांड मिल चुकी है।
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कानपुर हिंसा के आरोपियों की रिमांड मंजूर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी और उसके साथी जावेद अहमद खान, मोहम्मद राहिल व मोहम्मद सूफियान को तीन दिन की पुलिस रिमांड भेजा गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को जेल में बंद चारों आरोपियों की पेशी हुई, जिसमें कोर्ट ने रिमांड की मंजूरी दे दी।
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अभियोजन पक्ष की ओर से संगीता सिंह ने तर्क रखा कि दंगे के दौरान इस्तेमाल किए गए असलहे, बम, ईट व पत्थर कहीं छिपा कर रखे गए हैं, इनकी बरामदगी हयात ही करा सकता है। इसके अलावा हयात के पीएफआई से संबंध उजागर हुए हैं। उसके पास से कुछ आपत्तिजनक साहित्य बरामद हुआ था।
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यह दस्तावेज उसके पास कहां से आया, इसकी जानकारी के लिए भी पुलिस हयात से पूछताछ करना चाहती है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय अलगाववादी संगठन से भी हयात के संबंध हैं। उसको यह संगठन फंडिंग करते थे, इस तरह की जानकारी पुलिस को मिली है। इन सभी बातों की सत्यता जानने के लिए पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ करना चाहती है।
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हयात की ओर से अधिवक्ता शकील अहमद बुंधेल ने तर्क रखा कि जिन बातों को लेकर पुलिस रिमांड चाहती है। उससे संबंधित कोई भी साक्ष्य या दस्तावेज कोर्ट में पेश नहीं किए जा रहे हैं। पुलिस ऐसा कोई भी फुटेज पेश नहीं कर सकी है, जिससे यह साबित हो कि हयात घटना के दिन जुलूस का नेतृत्व कर रहा था।
वहीं, जो पोस्टर चिपकाए गए थे उसमें भी यह स्पष्ट लिखा था कि कोई भी दुकान जबरन बंद नहीं कराई जाएगी। गैर मजहबी भाइयों पर बंदी का दबाव नहीं डाला जाएगा। कोई धरना प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। शांतिपूर्ण बंदी की बात कही गई थी। हयात को गलत आरोप लगाकर झूठा फंसाया जा रहा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने हयात समेत चारों आरोपियों का तीन दिन का पुलिस रिमांड स्वीकार कर लिया है।